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CWG 2026 Medal Tally India: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में 13 स्वर्ण पदक के साथ चौथे पायदान पर रहा भारत, ऑस्ट्रेलिया रहा टॉप पर

स्कॉटलैंड की राजधानी ग्लास्गो में आयोजित 23वें राष्ट्रंडल खेलों में भारत के अभियान का अंत हो गया। भारतीय खिलाड़ियों ने 13 गोल्ड, 17 रजत और 9 कांस्य पदक सहित कुल 39 पदक अपने नाम किए और पदक तालिका में चौथे पायदान पर रहा।

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ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रदर्शन (फोटो कैटेगरी AI Generated)

नई दिल्ली: स्कॉटलैंड की राजधानी ग्लास्गो में आयोजित 23वें राष्ट्रंडल खेलों में भारत के अभियान का अंत हो गया। 23 जुलाई से 2 अगस्त के बीच आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने 13 गोल्ड, 17 रजत और 9 कांस्य पदक सहित कुल 39 पदक अपने नाम किए। भारत पदक तालिका में चौथे पायदान पर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद रहा। ऑस्ट्रेलिया ने 15वीं बार पदक तालिका में पहले पायदान पर कब्जा किया। 70 गोल्ड, 45 रजत और 56 कांस्य सहित ऑस्ट्रेलिया ने कुल 171 पदक जीते। इंग्लैंड 110 पदक(29 गोल्ड, 45 रजत और 36 कांस्य) के साथ दूसरे और कनाडा 62 मेडल (19 गोल्ड, 20 सिल्वर और 23 कांस्य) के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

123 खिलाड़ियों वाले भारतीय दल ने चार साल पहले बर्मिंघम में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों की तुलना में 8 पदक अधिक जीते। बैडमिंटन, हॉकी, टेबल टेनिस, शूटिंग और कुश्ती जैसे खेलों को ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल नहीं किया गया था। बावजूद इसके भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और धमाकेदार अंदाज में सबको हैरान करते हुए 39 मेडल अपने नाम कर लिए। भारतीय मुक्केबाजों ने तो सफलता का स्वर्णिम इतिहास रच दिया। 10 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे और सात गोल्डन पंच जड़ने में सफल रहे। एक दिन में भारत ने 8 स्वर्ण पदक अपने नाम किए ऐसा 96 साल के इतिहास में पहली बार हुआ। भारत के युवा सितारे ग्लास्गो में चमके। भारत ने कुल 39 मेडल जीते इसमें से 21 मेडल राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार शिरकत कर रहे खिलाड़ियों के नाम रहे।

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 पदक तालिका

क्रमांकदेश गोल्डसिल्वर ब्रॉन्जकुल
1ऑस्ट्रेलिया704556171
2इंग्लैंड294536110
3कनाडा19202362
4भारत13170939
5स्कॉटलैंड13091739
6न्यूजीलैंड10141236
7नाइजीरिया10070724
8जमैका10040519
9वेल्स09101231
10मलेशिया08030516

भारतीय मुक्केबाजों ने लिखा स्वर्णिम इतिहास

भारतीय मुक्केबाजों ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में अपने गोल्डन पंच की बदौलत सफलता का नया इतिहास रच दिया। भारतीय मुक्केबाजों के बॉक्सिंग रिंग में दबदबे ने पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों को दांतो तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। भारतीय मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड सात स्वर्ण और तीन रजत पदक अपने नाम किए। स्वर्ण पदक जीतने वालों में प्रीति पवार (54 किग्रा), जैसमीन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घनघास (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) शामिल हैं। जादूमणि सिंह (55 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और नरेंदर बेरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने रजत पदक जीतकर भारत की मुक्केबाजी में कुल पदकों की संख्या 10 तक पहुंचा दिया।

भारत ने वेटलिफ्टिंग में जीते 8 पदक

मीराबाई चानू की अगुवाई वाली भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम ने ग्लास्गो में अपना दम दिखाया। भारतीय खिलाड़ियों ने एक गोल्ड, 6 सिल्वर और एक कांस्य पदक सहित कुल 8 मेडल वेटलिफ्टिंग में अपने नाम किए। भारोत्तोलन में भारत को एकलौता गोल्ड मेडल मीराबाई चानू ने 48 किग्रा भारवर्ग में दिलाया। 6 वेटलिफ्टर्स ने रजत पदक अपने नाम किए। ऋषिकान्त सिंह(पुरुष 60 किग्रा), मुथुपंडी राजा(पुरुष 65 किग्रा), ज्ञानेश्वरी यादव (महिला 53 किग्रा), वल्लूरी अजय बाबू (पुरुष 79 किग्रा), हरजिंदर कौर(महिला 69 किग्रा) लवप्रीत सिंह(पुरुष +110 किग्रा) ने रजत पदक अपने नाम किया। वहीं बिंद्यारानी देवी(महिला 58 किग्रा) कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं। पैरा वेटलिफ्टिंग में भारत को झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट स्पर्धा में कांस्य पदक दिलाया।

एथलेटिक्स में जीते 3 गोल्ड सहित, 16 पदक

नीरज चोपड़ा की अगुआई वाले भारतीय एथलेटिक्स दल ने भी शानदार प्रदर्शन किया और कुल 16 पदक जीते। 10 पदक मुख्य और 6 पैरा स्पोर्ट्स में आए। इसमें 3 गोल्ड, 7 सिल्वर और 6 कांस्य पदक शामिल है। जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा सिल्वर और यशवीर सिंह कांस्य पदक अपने नाम करने में सफल रहे। भारतीय एथलीट पहली बार डिकैथलॉन और 10 हजार मीटर दौड़ जैसी स्पर्धाओं में पदक जीतने में सफल रहे। सर्वेश काशवे ने हाई जंप में, गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में, नीरज चोपड़ा ने भालाफेंक में, प्रवीण चित्रावेल ने ट्रिपल जंप में सिल्वर मेडल जीते। वहीं गुलवरी सिंह ने 5 हजार मीटर दौड़, यशवीर सिंह भालाफेंक, सेल्वा प्रभु थिरुमानर ने ट्रिपल जंप, तेजस्वी शंकर ने डिकैथलान और सीमा कालीरमन ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किए। पैरा एथलीट ने तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए। दिलीप गावित (T47 रेस), सोमन राणा (शॉट पुट F57), शर्मिला धनखड़ (महिला शॉट पुट F57) ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं मोहम्मद बासिल (100 मीटर T47 रेस), शुभम जुयाल (शॉट पुट F57) ने रजत पदक जीता। वहीं शिल्पा शायला (महिला शॉट पुट F57) में कास्य पदक जीतने में सफल रहीं।

जूडो में जीते दो गोल्ड सहित चार पदक

इसके बाद अप्रत्याशित प्रत्याशित प्रदर्शन जूडो खिलाड़ियों ने किया और दो गोल्ड सहित चार पदक अपने नाम किए। भारत के इस ऐतिहासिक अभियान की अगुआई हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा) और अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा) ने की। दोनों अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों की जूडो प्रतियोगिता में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता बने। यामिनी मौर्य ने महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत के रिकॉर्ड पदक अभियान में अपना योगदान दिया। वहीं उन्नति शर्मा (महिला 63 किग्रा) ने कांस्य पदक जीतकर पदकों की संख्या को 4 तक पहुंचा दिया।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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