स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पहला टेस्ट मैच जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे चल रही वेस्टइंडीज की दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन हालात खराब दिखी। पाकिस्तान ने पहले दिन पांच विकेट निकाले। शुरुआती झटकों के बाद पिछले मैच के में उम्दा पारी खेलने वाले जस्टिन ग्रीव्स ने नाबाद अर्धशतक जड़कर टीम को संभाला। इसमें कप्तान रोस्टन चेज (नाबाद 36 रन) ने भी अहम भूमिका निभाई। अंतिम टेस्ट मैच के पहले दिन वेस्टइंडीज ने पांच विकेट पर 239 रन बनाए।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कैरेबियाई टीम की शुरुआत खराब रही। सलामी बल्लेबाज ब्रैंडन किंग ने उसे आक्रामक शुरुआत देते हुए 50 गेंदों में 46 रन बनाए। बारिश के कारण सुबह के सत्र में केवल 9.5 ओवर ही फेंके जा सके, जिसमें किंग ने तेगनारायण चंद्रपॉल (15) के साथ पहले विकेट के लिए 49 रन की साझेदारी की।
नमी का गेंदबाजों को मिला फायदा
दूसरे सत्र में वेस्टइंडीज को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, जिसमें गेंद तेजी से टर्न लेने लगी और उसके तीन विकेट गिर गए। 49 के स्कोर पर टीम ने पहला विकेट गंवाया। 100 के स्कोर तक पहुंचते-पहुंचते पाकिस्तान ने तीन विकेट निकाल लिए। तेगनारायण चंद्रपॉल 15 रन, ब्रैंडन किंग 46 और कॉवेम हॉज 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद आमिर जंगू भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके।
कप्तान और ग्रीव्स ने संभाली पारी
जंगू ने 26 रन का योगदान दिया। वहीं, विकेटकीपर-बल्लेबाज शाई होप 29 रन ही बना सके। इसके बाद कप्तान रोस्टन चेज और जस्टिन ग्रीव्स ने मिलकर पारी को संभालने की कोशिश शुरू की। खराब रोशनी के कारण 74 ओवर के बाद दिन का खेल समाप्त होने के समय ग्रीव्स 64 और चेज 36 रन पर खेल रहे थे। इससे पहले ग्रीव्स ने शाई होप (29) के साथ पांचवें विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी की थी।
अब्बास के नाम अनोखा रिकॉर्ड
दूसरे टेस्ट मैच में बाबर आजम ने पहले टेस्ट में आठ विकेट लेने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास को टीम से बाहर रखने का चौंकाने वाला फैसला किया। वहीं, प्लेइंग इलेवन में चार बदलाव किए, दो खिलाड़ियों ने अपना डेब्यू किया। प्लेइंग इलेवन से बाहर होते ही अब्बास के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया।
वह एक टेस्ट में पांच विकेट हॉल लेने के बाद दूसरे टेस्ट मैच की प्लेइंग इलेवन में बाहर होने वाले दूसरे पाकिस्तानी गेंदबाज बने। 1979-80 के भारत दौरे पर एहतेशामुद्दीन ने कानपुर में टेस्ट में पांच विकेट लेने के बाद चेन्नई में उनकी जगह इमरान खान ने ली थी।
