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विशाखापट्टनम टेस्ट से पहले विक्रम राठौड़ ने युवा प्लेयर्स के आलोचकों को दी ये सलाह

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  • Updated Feb 1, 2024, 04:39 AM IST

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट पहले टीम इंडिया के बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ ने आलोचकों ने युवा बल्लेबाजों को लेकर धैर्य रखने की सलाह दी है। जानिए उन्होंने इस बारे में क्या कहा?

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विक्रम राठौड़

विशाखापत्तनम: भारत के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने बुधवार को कहा कि शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के बीच उनके साथ धैर्य रखना होगा। उन्होंने अपने खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे यहां दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड की आक्रामकता से समझदारी से निपटें। भारत को हैदराबाद में पहले टेस्ट में पहली पारी में 190 रन की बढ़त लेने के बावजूद 28 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। इंग्लैंड ने बेहद आक्रामक होकर खेलने के अपने ‘बैजबॉल’ रवैये से भारत को पछाड़ा था जिसमें ओली पोप ने 196 रन की पारी खेली थी।

दूसरा टेस्ट शुक्रवार से शुरू होगा।

टीम युवा है, रखना होगा धैर्य

राठौड़ ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा,'हमारी टीम में ऐसे युवा बल्लेबाज हैं जिन्होंने काफी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है। इसलिए हमें उनके साथ थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है। (शुभमन) गिल, (यशस्वी) जायसवाल और (श्रेयस) अय्यर अंतत: बड़ी पारियां खेलेंगे, मुझे इसका यकीन है।'

जायसवाल ने हैदराबाद में अपने पांचवें टेस्ट की पहली पारी में 80 रन बनाए लेकिन गिल और अय्यर नाकाम रहे। गिल ने 21 जबकि अय्यर ने 13 टेस्ट खेले हैं। गिल ने अपनी पिछली नौ टेस्ट पारियों में अर्धशतक नहीं बनाया है। अय्यर भी खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि उन्हें दूसरे टेस्ट में टीम के बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है जहां घरेलू टीम को एक बार फिर से विराट कोहली की कमी खलेगी।

जज्बे के साथ और आक्रामक क्रिकेट खेलने में है अंतर

राठौड़ ने कहा,'जज्बे के साथ खेलने और आक्रामक क्रिकेट खेलने के बीच अंतर है। मैं चाहता हूं कि वे जज्बे के साथ खेलें। अगर कुछ रन बनाने का मौका है, तो उन्हें इसका फायदा उठाना चाहिए। उन्हें पिच और परिस्थितियों को देखकर फैसला करना होगा। बल्लेबाज में यह समझदारी होनी चाहिए कि पिच पर कौन सा शॉट सर्नश्रेष्ठ या सबसे सुरक्षित है।'

राठौड़ को लगता है कि हैदराबाद टेस्ट की दूसरी पारी में संभवत: भारत की बल्लेबाजी में अनुशासन की कमी थी। उन्होंने कहा,'क्या वे अधिक अनुशासन के साथ खेल सकते थे? शायद वे ऐसा कर सकते थे। उन्हें इस पर फैसला करना होगा और अपनी योजना के साथ उतरना होगा।'

एक्सट्रा शॉट जोड़ना होता है फायदेमंद

इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने स्वीप शॉट का भारतीय स्पिनरों के खिलाफ प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया लेकिन राठौड़ ने कहा कि कोई बल्लेबाजों रातों-रात यह शॉट खेलना शुरू नहीं कर सकता। उन्होंने कहा,'आपको अभ्यास करके इसकी तैयारी करनी होती है। अगर आप अपने खेल में अधिक शॉट जोड़ोगे तो यह हमेशा फायदेमंद होता है।'

पोप ने हैदराबाद में मिला जोखिम उठाने का फायदा

राठौड़ ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों विशेषकर पोप की साहसिक क्रिकेट खेलने के लिए सराहना की। उन्होंने हालांकि कहा कि इंग्लैंड के अच्छे प्रदर्शन के कारण उनकी टीम पर अतिरिक्त दबाव नहीं है। उन्होंने कहा,'वे (इंग्लैंड) साहसिक थे। उन्होंने जोखिम उठाया जिसका उन्हें फायदा मिला। पोप ने शानदार पारी खेली। मैंने काफी खिलाड़ियों को अपनी टीम के खिलाफ इस तरह की पारी खेलते हुए नहीं देखा है। मुझे नहीं लगता कि कोई दबाव है। भारत में खेलते हुए हमारे जीतने की उम्मीद थी और खिलाड़ी अब तक इसे आदी हो गए होंगे।'

उन्होंने कहा,'सहायक स्टाफ की ओर से उन्हें संदेश है कि अच्छा क्रिकेट खेलो और नतीजों की अधिक चिंता मत करो। अन्य टीम भी अच्छी तैयारी के साथ आती हैं। हमने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीते हैं, हमें उनके भी भारत में टेस्ट मैच जीतने की उम्मीद करनी होगी।'

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