अमेरिकी एंटी-डोपिंग एजेंसी ने सोमवार को घोषणा की कि पिछले साल के U.S. 1,500-मीटर चैंपियन जोनाह कोएच का टाइटल छीन लिया गया है और ब्लड डोपिंग के लिए उन पर तीन साल का बैन लगाया गया है। केन्या में जन्मे 29 वर्षीय एथलीट पर यह बैन उनके 'एथलीट बायोलॉजिकल पासपोर्ट' के असामान्य नतीजों के बाद लगाया गया है। यह एक बेसलाइन टेस्ट है जो एथलीटों के ड्रग-टेस्टिंग पूल में शामिल होने पर किया जाता है, ताकि बाद के नतीजों की तुलना इससे की जा सके।
USADA ने कहा कि पासपोर्ट टेस्ट, जो "ब्लड बायोमार्कर" दिखाते हैं और 2009 से इस्तेमाल हो रहे हैं, ब्लड-डोपिंग के तरीकों - जैसे ट्रांसफ्यूजन और एरिथ्रोपोइटिन (EPO) जैसी ब्लड-बूस्टिंग दवाओं का इस्तेमाल - का पता लगाने में असरदार हैं।
कोएच कॉलेज के लिए U.S. आए थे और U.S. आर्मी के वर्ल्ड क्लास एथलीट प्रोग्राम के लिए दौड़ते हुए वहां के नागरिक बन गए। उन्होंने पिछले साल की नेशनल्स में 3 मिनट 30.17 सेकंड का अपना बेस्ट समय निकाला था और फिर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 13वें स्थान पर रहे थे। USADA ने कहा कि असामान्य सैंपल नेशनल्स के दौरान लिए गए थे और उन पर लगा बैन जुलाई 2029 तक चलेगा, जिससे वे 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए अयोग्य हो जाएंगे।
जोनाह कोएच ने फ्रीपोर्ट में हुए साल 2022 की NACAC चैंपियनशिप में 800 मीटर रेस का गोल्ड मेडल जीता था और वो उसके बाद से लगातार सुर्खियों में रहे थे। केन्या में जन्म लेने के बावजूद उन्हें अमेरिकी नागरिक बनने का अवसर मिला और फिर वहां का प्रतिनिधित्व करने का मौका भी हासिल हुआ। उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड में खुद को साबित भी किया लेकिन अब डोपिंग मामले में फंसने के चलते उनका करियर तकरीबन समाप्त माना जा रहा है। वो 29 साल के हैं और 2028 में लॉस एंजेलिस ओलंपिक में घरेलू फैंस के सामने अपना दमखम दिखा सकते थे, हालांकि, अब ये मौका उन्हें नहीं मिलेगा।
