दुबई। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच लंदन में लॉर्ड्स पर खेले गए पहले टेस्ट की पिच और पाकिस्तान तथा ऑस्ट्रेलिया के बीच लाहौर में गद्दाफी स्टेडियम पर खेले गए तीसरे वनडे की पिच को आईसीसी की पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया में ’असंतोषजनक’ करार दिया गया है।
दोनों मैदानों को एक एक डिमेरिट अंक भी लगाया गया है। मैच अधिकारियों और कप्तानों द्वारा शिकायत दर्ज किये जाने के बाद लॉर्ड्स के मैच रैफरी एंडी पायक्राफ्ट और गद्दाफी स्टेडियम के ग्रीम ला ब्रॉय ने अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र किया।
लॉर्ड्स की पिच को मिला डिमेरिट अंक
पायक्रॉफ्ट ने कहा कि लॉर्ड्स की पिच पर पूरे टेस्ट के दौरान अत्यधिक सीम मिल रही थी और कई बार गेंद भी बहुत नीची आ रही थी जिससे उछाल असमान था। इंग्लैंड ने पहले टेस्ट के चौथे दिन न्यूजीलैंड को 115 रन से हरा दिया था। जीत के लिये 254 रन के लक्ष्य के जवाब में न्यूजीलैंड टीम 138 रन पर आउट कर दिया था।
मैच रेफरी ने दी अपनी रिपोर्ट
मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा 'मैच के दौरान गेंद में काफी घुमाव देखा गया जबकि कई मौकों पर ये नीची भी रही। पिच पर बाउंस भी असमान था, जिसके कारण पहले दिन 16 और दूसरे दिन 17 विकेट गिरे थे।'
मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान ने लॉर्ड्स की पिच को टेस्ट क्रिकेट के लायक नहीं बताया था। उन्होंने मैच के बाद कहा 'जो टेस्ट क्रिकेट को चाहते हैं, जो टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा दे सकता है। मुझे नहीं लगता कि यह पिच वैसी थी। मुझसे अक्सर फॉर्मेट को लेकर सवाल पूछे जाते हैं, लोग टेस्ट क्रिकेट को बचाने की बात भी करते हैं। मेरे लिए यह फॉर्मेट इन सब चीजों से बढ़कर है। यह पांच दिनों तक खेला जाना चाहिए, अगर बारिश का व्यवधान नहीं आए तो। जो लोग यह मानते हैं कि टेस्ट क्रिकेट सर्वश्रेष्ठ फॉर्मेट होना चाहिए और इसे खत्म नहीं होना चाहिए, उनके लिहाज से यह आदर्श नहीं है'
अनफिट होने पर मिलते हैं तीन डिमेरिट अंक
रिपोर्ट इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को दे दी गई है, जिनके पास अपील करने के लिये 14 दिन का समय है। आईसीसी के नियमों के तहत पिच असंतोषजनक करार दिये जाने पर स्टेडियम पर एक डिमेरिट अंक लगाया जाता है और पिच ’अनफिट’ होने पर तीन डिमेरिट अंक लगाये जाते हैं। छह डिमेरिट अंक होने पर उस मैदान में 12 महीने तक अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला जायेगा।
