IND vs ENG 5th Test: इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और ओवल में होने वाला पांचवां व अंतिम टेस्ट मैच निर्णायक साबित होने वाला है। ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत ने ऐतिहासिक ड्रॉ जरूर हासिल किया, लेकिन इसके बावजूद टीम अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश, विशेषकर गेंदबाजी संयोजन को लेकर अब भी असमंजस में है।
बल्लेबाजी गहराई बनाम गेंदबाजी गुणवत्ता
श्रृंखला के दौरान भारतीय टीम ने आठवें नंबर तक बल्लेबाजी की क्षमता को प्राथमिकता दी और किसी विशेषज्ञ गेंदबाज को बाहर रखा। लेकिन इस रणनीति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, खासकर तब जब शार्दुल ठाकुर जैसे ऑलराउंडर को ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट में महज 11 ओवर ही दिए गए।
ओल्ड ट्रैफर्ड की कमजोर गेंदबाजी – बदलाव की ज़रूरत
ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत ने 2014 के बाद पहली बार 600 से ज्यादा रन लुटाए, जिससे कुलदीप यादव जैसे आक्रमणकारी स्पिनर को टीम में शामिल करने की मांग और प्रबल हो गई है। कुलदीप पिछले 40 दिन से बेंच पर बैठे हैं, लेकिन अब वह एक जरूरी विकल्प बन चुके हैं।
युवा विकल्पों पर नजर
अंशुल कंबोज का डेब्यू प्रभावित नहीं कर सका। ऐसे में पूरी तरह फिट आकाशदीप या प्रसिद्ध कृष्णा को मौका मिल सकता है। इसके साथ ही अर्शदीप सिंह भी अपने टेस्ट डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं। टीम चयन में यह युवा गेंदबाज भारत को संतुलन दे सकते हैं।
मुख्य कोच का आत्मविश्वास, लेकिन थकान साफ़
मुख्य कोच गौतम गंभीर ने सभी तेज गेंदबाजों को फिट घोषित किया है, लेकिन यह भी स्पष्ट है कि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज अब थकान से जूझ रहे हैं। श्रृंखला के गहन कार्यभार ने उनकी धार कुछ हद तक कुंद कर दी है।
सुंदर और जडेजा की बल्लेबाज़ी – शीर्ष क्रम में विश्वास
ऋषभ पंत के चोटिल होने के कारण वाशिंगटन सुंदर और रवींद्र जडेजा ने चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार शतक लगाकर टीम को बचाया। इन दोनों की बल्लेबाजी ने दिखा दिया कि भारत को सातवें और आठवें क्रम तक भरोसेमंद बल्लेबाज मिल सकते हैं।
कुलदीप यादव को मिल सकता है मौका
ओवल की पिच स्पिनरों की मददगार हो सकती है। ऐसे में भारत शार्दुल ठाकुर को बाहर कर चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ उतर सकता है, जिनमें कुलदीप यादव को मौका दिया जा सकता है। टीम प्रबंधन पहले ही संकेत दे चुका है कि कुलदीप को शामिल करने की पूरी कोशिश की जा रही है।
बुमराह का खेलना जरूरी
कार्यभार प्रबंधन के तहत बुमराह को केवल तीन टेस्ट में खेलने की योजना थी, लेकिन अब जबकि श्रृंखला निर्णायक मोड़ पर है, संभावना है कि वह अंतिम टेस्ट में भी मैदान पर उतरें। बुमराह की उपस्थिति भारत के लिए निर्णायक हो सकती है।
(भाषा)
