Suryakumar Yadav Press Conference: एशिया कप 2025 की धमाकेदार शुरुआत 9 सितंबर 2025 को होने वाली है। इसमें भारतीय क्रिकेट टीम का पहला मैच 10 सितंबर 2025 को यूएई के खिलाफ है। इस टूर्नामेंट में हालांकि सभी की नजर केवल एक ही मैच पर टिकी हुई है जिसमें भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है। इस मैच से पहले ही भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और पाकिस्तान क्रिकेट टीम को चेतावनी दे दी है।
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मंगलवार को कहा कि उनकी टीम पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को होने वाले एशिया कप के मुकाबले में आक्रामकता पर अंकुश नहीं लगायेगी ।भारतीय टीम बुधवार को यूएई के खिलाफ ग्रुप ए का पहला मैच खेलेगी जिसके बाद रविवार को उसका सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा ।
मैदान पर आक्रमकता होती रहती है - सूर्यकुमार यादव
सूर्यकुमार ने टूर्नामेंट की पूर्व संध्या पर कप्तानों की प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि 'मैदान पर आक्रामकता हमेशा रहती है । अगर आपको जीतना है तो इसके बिना काम नहीं चल सकता।'उनसे पूछा गया था कि पाकिस्तान के खिलाफ मैच में क्या खिलाड़ी आक्रामकता कम करेंगे । इसी सवाल पर पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने कहा कि 'अगर कोई आक्रामक होना चाहता है तो यह उसका फैसला है । जहां तक मेरी टीम का सवाल है तो मैं कोई दिशा निर्देश किसी को नहीं देता।'
यूएई को हल्के में नहीं लेंगे- सूर्यकुमार यादव
सूर्यकुमार ने कहा कि अच्छे अभ्यास सत्र के बाद उनकी टीम लय में है । उन्होंने कहा कि 'हमने कुछ अच्छे अभ्यास सत्र किये । अच्छा लग रहा है । एशिया कप की सर्वश्रेष्ठ टीमों से खेलना अच्छी चुनौती होगी।' भारतीय कोच लालचंद राजपूत की यूएई टीम भले ही कमजोर मानी जा रही हो लेकिन भारतीय कप्तान ने कहा कि वह मेजबान को हलके में नहीं लेंगे ।उन्होंने कहा कि 'वे शानदार क्रिकेट खेल रहे हैं और हाल ही में त्रिकोणीय श्रृंखला में कुछ करीबी मुकाबले खेले हैं । उम्मीद है कि वे एशिया कप में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'
प्लेइंग 11 को लेकर दिया बड़ा हिंट
सूर्यकुमार यादव ने इस प्रेस कांफ्रेंस में प्लेइंग 11 को लेकर भी बड़ा हिंट दिया। उन्होंने कहा कि - 'यह पूछने पर कि क्या पहले मैच में भारतीय टीम कोई प्रयोग करेगी, सूर्यकुमार ने कहा ,‘‘ जब आप किसी प्रारूप में खेलते हैं तो आपको यह जानना होता है कि तैयारी कितनी अच्छी है । बिना वजह प्रयोग की क्या जरूरत है । अगर हमें नतीजे मिल रहे हैं तो बदलाव क्यो करेंगे।'
