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IND vs ENG: खास रणनीति के साथ उतरे थे गिल, मैच के बाद किया खुलासा

  • Agency by: Agency
  • Updated Feb 26, 2024, 09:35 PM IST

IND vs ENG: शुभमन गिल ने मैच के बाद अपनी खास रणनीति के बारे में बात की। उन्होंने नाबाद 52 रन की पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का छठा अर्धशतक है। 6 में से 3 अर्धशतक उन्होंने दूसरी पारी में लगाया है।

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शुभमन गिल (साभार-AP)

भारत ने शुभमन गिल और ध्रुव जुरेल के बीच छठे विकेट के लिए हुए नाबाद 72 रन की साझेदारी के दम पर रांची टेस्ट 5 विकेट से जीत लिया। गिल 52 रन जबकि जुरेल 39 रन बनाकर नाबाद रहे। मैच के बाद भारतीय बल्लेबाज शुभमन गिल ने अपनी रणनीति के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट क्रिकेट मैच के दौरान कई गेंद नीचे रह रही थी और तेजी से टर्न ले रही थी लेकिन इसके बावजूद वह पगबाधा होकर अपना विकेट नहीं गंवाने के लिए प्रतिबद्ध थे।

गिल ने भारत की दूसरी पारी में नाबाद 52 रन बनाए तथा विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल के साथ 72 रन की अटूट साझेदारी करके भारत को पांच विकेट से जीत दिलाई। भारत की जीत के बाद गिल ने जिओ सिनेमा से कहा,‘‘मैंने ऑफ स्पिनर के खिलाफ एक रणनीति बनाई थी। मेरी रणनीति थी कि किसी भी हालत में पगबाधा आउट नहीं होना है। मैं ऑफ स्पिनरों को हमेशा आगे बढ़कर खेलता हूं और इस मैच में भी मैंने अपनी इस रणनीति पर अमल किया। मैं शांतचित्त होकर खेलता रहा और मैंने ऑफ स्पिनरों को खेलने में किसी तरह का संकोच नहीं किया।’’

गिल ने कहा कि विकेट में किसी तरह की खराबी नहीं थी और यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा विकेट था। उन्होंने कहा,‘‘मेरा मानना है कि जब आप इस तरह के विकेट पर खेल रहे होते हैं तो आपको दरारों को खेल से बाहर रखना होता है। मेरे कहने का मतलब है कि जब गेंद दरार पर पड़ती है तो आप उसमें कुछ खास नहीं कर सकते लेकिन अगर गेंद दरार पर नहीं पड़ती तो फिर यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा विकेट था।’’

गिल ने जुरेल और कुलदीप यादव को श्रेय दिया जिन्होंने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 76 रन की साझेदारी की। उन्होंने कहा,‘‘दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के समय ध्रुव 30 रन और कुलदीप 17 रन पर खेल रहे थे। हमने इंग्लैंड की बढ़त को 80 से 100 रन के बीच रखने पर चर्चा की थी, लेकिन इन दोनों ने शानदार बल्लेबाजी की और आखिर में इंग्लैंड केवल 46 रन की बढ़त ही हासिल कर पाया जो हमारी उम्मीदों से काफी बेहतर था।’’

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