IND vs ENG: इंग्लैंड दौरे पर ऋषभ पंत का शानदार प्रदर्शन जारी है। वह इंग्लैंड में किसी एक सीरीज में 400 रन बनाने वाले पहले एशियाई विकेटकीपर हैं। लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में चोट के बावजूद उन्होंने 74 रन की पारी खेली। इतना ही नहीं राहुल के साथ उन्होंने 141 रन का साझेदारी की और टीम इंडिया को मैच में बनाए रखा। पंत की तारीफ अक्सर क्रिकेट के पंडित करते रहते हैं। दुनिया उनकी बल्लेबाजी शैली के कायल है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी ने भी पंत की तारीफ की है और कहा है कि वह जिस तरह के बल्लेबाज हैं दुनिया के महान विकेटकीपर बन सकते हैं।
तिवारी ने कहा कि पंत अगर अपनी बल्लेबाजी शैली को जारी रखेंगे, तो इतिहास के सबसे महान विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में जाने जाएंगे। आईएएनएस से बात करते हुए मनोज तिवारी ने कहा, "ऋषभ पंत अनोखे हैं, उनकी खेलने की अपनी अलग शैली है। उनकी सोच और दृष्टिकोण अन्य बल्लेबाजों से अलग है। वह कभी-कभी अपना विकेट गंवा देते हैं, जिससे उनकी आलोचना होती है। लेकिन, उनकी सक्सेस रेट अधिक है।"
उन्होंने कहा कि एडम गिलक्रिस्ट जैसे कुछ बेहतरीन विकेटकीपर रहे हैं, जो स्टंप के पीछे और बल्ले से कमाल के थे। भारतीय परिस्थितियों में हमारे पास एमएस धोनी थे। लेकिन, मेरा मानना है कि अगर पंत अपनी शैली के मुताबिक खेलते रहे, तो उन्हें इतिहास के सबसे महान विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में जाना जाएगा।
ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के साथ खेली जा रही पांच टेस्ट मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। वह पांच पारियों में 2 शतक और 2 अर्धशतक सहित कुल 416 रन बना चुके हैं।
मनोज तिवारी ने भारतीय कप्तान शुभमन गिल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, "गिल बहुत अच्छी फॉर्म में हैं। उन्होंने कुछ तकनीकी बदलाव किए हैं। पहले वह अंदर आती गेंदों पर बोल्ड हो जाते थे, लेकिन उन्होंने बल्ले और गेंद के बीच के अंतर को कम करने पर काम किया है। इसका फायदा यह है कि वह सीधे विकेट पर खेल पा रहे हैं। वह अब नियंत्रण में हैं। ऐसा लगता है कि उन्होंने बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तान होने की जिम्मेदारी भी जोड़ ली है। एक युवा बल्लेबाज को टीम की कमान संभालते देखना सुखद है।"
लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में 5 विकेट लेने वाले जसप्रीत बुमराह की भी मनोज तिवारी ने तारीफ की। उन्होंने कहा, "बुमराह जब खेलते हैं, तो वह आमतौर पर मैदान पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उनकी फॉर्म को देखकर लगता है कि वह बल्लेबाजों को परेशान करते रहेंगे। गेंद के साथ उनकी क्षमता और मैदान पर उनका आईक्यू कमाल का है। वह सभी प्रारूपों में भारत के मुख्य खिलाड़ी रहे हैं। जब वह टीम में होते हैं, तो टीम का आत्मविश्वास और भी बढ़ जाता है।"
