कुछ प्रमुख विदेशी खिलाड़ियों के चोटिल होने या देर से टीम में शामिल होने के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सत्र में कुछ टीमों के समीकरण गड़बड़ा गए हैं। इनमें से कुछ खिलाड़ी तो इंजरी से जूझ रहे हैं, लेकिन कुछ को बोर्ड ने हरी झंडी नहीं दी। मिचेल स्टार्क को भी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वर्कलोड मैनेजमेंट के चक्कर में देर से भेजने का फैसला किया है। इसी तरह की स्थिति कैमरन ग्रीन के साथ भी है, जिसे कोलकाता ने 25.2 करोड़ में अपने साथ जोड़ा है। रसेल के जाने के बाद केकेआर की टीम मैनेजमेंट उनसे बैटिंग-बॉलिंग दोनों की उम्मीद कर रही है, लेकिन शायद ही ऐसा हो सकता है। अश्विन को अंदेशा है कि वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत ग्रीन 4 ओवर की गेंदबाजी से बच सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो टीम के पास भी कुछ विकल्प होने चाहिए।
काटे जाएं खिलाड़ियों के पैसे
अश्विन ने ऐसे खिलाड़ियों को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा 'आईपीएल टीमों को भी यह मौका मिलना चाहिए कि अगर कोई खिलाड़ी सिर्फ दो ओवर फेंकता है, तो उसके सैलरी में से 2 करोड़ रुपये काट लिए जाएं। क्यों नहीं? अगर कोई खिलाड़ी अपने चार ओवर ठीक से नहीं फेंक पाता है, तो उसके सैलरी में कटौती करने का अधिकार तो होना ही चाहिए, है ना।
उन्होंने आगे कहा '"जब आप आईपीएल ऑक्शन में आए थे, तो आपसे यही उम्मीद थी कि आप चार ओवर गेंदबाजी करेंगे और बल्लेबाजी भी करेंगे। अगर गेंदबाजी पर कोई प्रतिबंध नहीं है, तो बहुत अच्छा है, लेकिन अगर प्रतिबंध है तो टीम को फीस में कटौती करने की अनुमति दी जानी चाहिए," अश्विन ने कहा, "कल्पना कीजिए कि आप शाहरुख खान हैं, और आपने एक खिलाड़ी के लिए 25 करोड़ रुपये दिए हैं। लेकिन फिर वह आकर कहता है, 'सर, मैं आज सिर्फ एक ओवर फेंकूंगा, या दिन में सिर्फ 10 गेंदें फेंकूंगा'। आपको कैसा लगेगा?"
यह पहली बार नहीं हुआ है जब किसी खिलाड़ी ने इस तरह की बात की है। इससे पहले सुनील गावस्कर ने भी ऐसे खिलाड़ियों को लेकर बीसीसीआई को सलाह दी थी कि इस तरह के खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
