Shreyas Iyer: पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज सबा करीम का मानना है कि श्रेयस अय्यर के लिए अब समय आ गया है कि वे आईपीएल में दिखी अपनी रणनीतिक कप्तानी को भारतीय टीम में भी दोहराएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की साफ छाप छोड़ें। टी20 विश्व कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव से कप्तानी लेने वाले अय्यर की अगुआई में भारत को अब तक जीत नसीब नहीं हुई। टीम आयरलैंड से टी20 सीरीज 0-2 से हारी और इंग्लैंड के खिलाफ पहला मैच बारिश में धुलने के बाद लगातार तीन मुकाबले गंवाकर पांच मैचों की सीरीज में 0-3 से पीछे है। करीम ने ‘जियोहॉटस्टार’ से कहा, “अय्यर को अब कप्तान के तौर पर खुद को स्थापित करना होगा। आईपीएल में उनकी जो रणनीतिक सोच दिखी थी, वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक नजर नहीं आई।”
करीम ने की अय्यर के बल्लेबाजी की तारीफ
उन्होंने बल्लेबाजी क्रम पर सवाल उठाए। करीम ने कहा, “जब अय्यर खुद मध्यक्रम में खेल रहे थे, तब शिवम दुबे को पांचवें नंबर पर भेजना समझ से बाहर था। आईपीएल में हम जिस अय्यर को जानते हैं, वह शायद ऐसा फैसला नहीं लेते।” हालांकि करीम ने अय्यर की बल्लेबाजी की तारीफ की। उन्होंने कहा, “उनका रन बनाना टीम के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव है। जब कप्तान खुद रन बनाता है तो आत्मविश्वास बढ़ता है और कप्तानी भी निखरती है। उम्मीद है आगे यह दिखेगा।”
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करीम ने पांचवें टी20 के लिए टीम में बदलाव की वकालत की। उन्होंने कहा कि मध्यक्रम में एक अनुभवी दाएं हाथ के बल्लेबाज की कमी है और संजू सैमसन सबसे सही विकल्प हैं। “लगातार बाएं हाथ के बल्लेबाजों की लाइन तोड़ने के लिए संजू जरूरी हैं। अगर तिलक वर्मा को रखना है तो शिवम दुबे की जगह संजू को मौका मिलना चाहिए। इससे बल्लेबाजी मजबूत होगी।”
सुंदर की जगह शेडगे को मिलनी चाहिए जगह
उन्होंने सूर्यांश शेडगे को वॉशिंगटन सुंदर की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का सुझाव भी दिया। “सूर्यांश मध्यम गति से दो-तीन ओवर निकाल सकता है और छठे गेंदबाज की भूमिका निभा सकता है।” करीम का मानना है कि भारतीय खिलाड़ी अब भी आईपीएल की सपाट पिचों और छोटी बाउंड्री की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं। उन्होंने कहा, “हम अब भी ऐसे खेल रहे हैं जैसे भारत के छोटे मैदानों पर खेल रहे हों। विश्व चैंपियन टीम से ऐसी क्रिकेट की उम्मीद नहीं की जाती।”
