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भगदड़ के बाद पहली बार करूर पहुंचे तमिलनाडु CM विजय; काले कपड़ों में दिया 'मौन संदेश', सौंपे सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र

ऑनलाइन चर्चा का एक बड़ा विषय विजय का इस दौरे के दौरान काले कपड़े पहनने का फैसला था। कई समर्थकों ने इसे एक प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि के तौर पर देखा।

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CM विजय ने काले कपड़ों में दिया 'मौन संदेश'

करूर में 'तमिलगा वेट्री कजगम' (TVK) की रैली के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत के लगभग एक साल बाद, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री बनने के बाद शुक्रवार को पहली बार इस जिले का दौरा किया। दौरे के दौरान, विजय ने DMK पर इस त्रासदी से 'राजनीतिक फ़ायदा' उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और पार्टी की आलोचना की कि उन्होंने उन्हें पहले करूर जाने से रोका था।उन्होंने कार्यक्रम के दौरान पुलिस के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने न तो उन्हें बढ़ती भीड़ के बारे में चेतावनी दी और न ही बैठक रद्द की, जबकि उनके पास ऐसा करने का अधिकार था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दौरे के हिस्से के तौर पर विजय ने भगदड़ में मारे गए लोगों के योग्य परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पीड़ितों की याद में एक स्मारक बनाया जाएगा। उनका दौरा जल्द ही X (ट्विटर) पर चर्चा का विषय बन गया। यूज़र्स ने उनके प्रतीकात्मक इशारों की तारीफ़ की, पीड़ितों के परिवारों के लिए राहत उपायों का स्वागत किया और भ्रष्टाचार व पुलिस पर उनकी टिप्पणियों पर बहस की।

काले कपड़ों ने खींचा ध्यान

ऑनलाइन चर्चा का एक बड़ा विषय विजय का इस दौरे के दौरान काले कपड़े पहनने का फ़ैसला था। कई समर्थकों ने इसे त्रासदी में मारे गए लोगों के लिए एक प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि के तौर पर देखा।

एक यूज़र ने लिखा, 'विजय का काले कपड़ों में करूर लौटना एक मज़बूत संदेश है। कभी-कभी, नेतृत्व शब्दों के साथ-साथ प्रतीकों के जरिए भी उतनी ही मजबूती से अपनी बात कहता है!'

एक और पोस्ट में कहा गया, 'हमारे माननीय मुख्यमंत्री श्री सी. जोसेफ विजय काले कपड़ों में करूर की धरती पर उतरे।'

एक तीसरे यूज़र ने इस इशारे का मतलब बताते हुए कहा, 'वह कम बोलते हैं, लेकिन उनका इशारा बहुत कुछ कहता है। काला रंग: शोक का प्रतीक।'

पीड़ितों के परिवारों के लिए नौकरियां

भगदड़ में मारे गए लोगों के योग्य परिजनों को सरकारी नौकरी देने के विजय के फैसले की भी कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने तारीफ की। उन्होंने इसे शोक संतप्त परिवारों की मदद की दिशा में एक सार्थक कदम बताया। एक यूजर ने लिखा, 'यह सच में दिल को छू लेने वाली खबर है। बेटे को खोने के बाद, CM विजय जैसे प्रतिनिधि का आगे आना और सरकारी नौकरी के जरिए आपके लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना, ठीक वैसी ही चीज है जिसकी ज़रूरत थी।'

एक और यूज़र ने लिखा, 'वे सच में एक अच्छे CM साबित हो रहे हैं। तमिलनाडु के लिए अच्छे दिन आने वाले हैं। लगता है तमिलनाडु के लोगों ने सही फैसला किया है।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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