क्रिकेट

टीम से हुए बाहर, सुसाइड का भी आया ख्याल, फिर परिस्थितियों से लड़कर शमी ने ऐसे तय किया फर्श से अर्श तक का सफर

Mohammed Shami struggle story: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए सेमीफाइनल मैच में अपने शानदा प्रदर्शन से मोहम्मद शमी ने सभी का दिल जीत लिया है। शमी आज भले ही अपने करियर की बुलंदियों पर हो लेकिन एक समय ऐसा भी था जब वे परेशान थे और सुसाइड का भी सोच लिया था।

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मोहम्मद शमी

Photo : AP

Mohammed Shami struggle story: भारतीय टीम के अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम आज हर किसी की जुबां पर गर्व से लिया जा रहा है। शमी ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में न्यूजीलैंड और भारत के बीच खेले गए सेमीफाइनल में अपनी गेंद से ऐसा कहर बरपाया कि न्यूजीलैंड के बल्लेबाज चारों खाने चित रह गए। शमी ने मैच में 7 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच भी घोषित किए गए। शमी आज भले ही अपने करियर की बुलंदियों पर हो लेकिन एक समय ऐसा भी था जब वे परेशान थे और उन्होंने सुसाइड तक का प्रयास किया था।

इस समय अपने खेल के शीर्ष पर चल रहे शमी एक समय अपने जीवन में उथल-पुथल के कारण अपनी जीवन लीला समाप्त करना चाहते थे। तीन साल पहले इंस्टाग्राम लाइव पर अपने कप्तान रोहित के साथ बातचीत में उन्होंने खुलासा किया था कि उन्होंने अपने जीवन के बुरे दौर में तीन बार आत्महत्या करने के बारे में सोचा था। शमी ने रोहित को बताया कि उनके क्रिकेट में सबसे दुखद घटना 2015 में थी जब ऑस्ट्रेलिया में विश्व कप के बीच में घायल होने के बाद उन्हें 18 महीने क्रिकेट से चूकना पड़ा था। इसके अलावा निजी जीवन में भी परेशानियां बढ़ गई थी और शमी ने आत्महत्या करने तक का सोच लिया था।

मैंने तीन बार सुसाइड का सोचा- शमी

शमी ने इंस्टाग्राम लाइव में कहा था कि शमी ने कहा, "जब मैंने दोबारा खेलना शुरू किया तो मुझे कुछ व्यक्तिगत समस्याओं से गुजरना पड़ा, मुझे लगता है कि अगर मेरे परिवार ने मेरा समर्थन नहीं किया होता तो मैं ऐसा नहीं कर पाता, मैंने तीन बार आत्महत्या करने के बारे में भी सोचा।" इन सब परिस्थितियों के बावजूद मोहम्मद शमी ने शानदार वापसी की। इसमें उनके परिवार का विशेष योगदान रहा जिन्होंने कभी भी उनका साथ नहीं छोड़ा।

शमी पर लॉन्च होगी किताब

मोहम्मद शमी के संघर्ष को कुछ दिनों में हर किसी को अच्छे से जानने का मौका मिलेगा। दरअसल उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार शमी के ऊपर एक किताब लिखने वाले हैं। इसका शीर्षक '30 डेयज विध शमी' होगा। इसमें शमी अपनी पूरी दास्तां बताने वाले हैं।

मौके का इंतजार कर रहे थे शमी

वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में 7 विकेट झटकने के बाद मोहम्मद शमी ने कहा कि 'मैं अपने लिए मौके का इंतजार कर रहा था। मैंने बहुत अधिक सीमित ओवरों की क्रिकेट नहीं खेली थी। मैंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ही धर्मशाला में वापसी की। हम वेरिएशन को लेकर बहुत बात करते हैं लेकिन मेरा मानना है कि गेंद को आगे पिच कराकर नई गेंद से विकेट लेना महत्वपूर्ण होता है।'उन्होंने अपनी परफॉर्मंस पर ये भी कहा कि यह शानदार एहसास है। पिछले दो विश्व कप में हम सेमीफाइनल में हार गए थे। कोई नहीं जानता कि आपको ऐसा मौका फिर कब मिलेगा इसलिए हम इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते थे। हम इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे।'

SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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