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Hockey World Cup: भारतीय पुरुष हॉकी टीम अपना आखिरी मैच मजबूत मेजबान नीदरलैंड के खिलाफ खेलने उतरेगी, जीत के साथ घर लौटने का इरादा

IND vs NED Hockey World Cup Match: भारतीय पुरुष हॉकी टीम का हॉकी विश्व कप खिताब तक जाने का 5 दशक पुराना सपना तो टूट चुका है, लेकिन अब वे टूर्नामेंट में एक आखिरी बार मैदान पर उतरेंगे जहां उनका सामना मजबूद मेजबान नीदरलैंड टीम से होगा। भारत जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी।

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भारत हॉकी विश्व कप 2026 में अपने आखिरी मैच में नीदरलैंड को टक्कर देगा

Photo : AP

Hockey World Cup 2026: पांच दशक बाद विश्व कप में पदक जीतने का सपना टूटने के बाद भारतीय पुरूष हॉकी टीम आखिरी मैच में जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी लेकिन शुक्रवार को होने वाले इस मुकाबले में उसके सामने सह मेजबान और मौजूदा प्रो लीग चैम्पियन बेल्जियम को उसके मैदान पर हराने की कठिन चुनौती है। नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में पहले और दूसरे चरण के मैच खेलने वाली भारतीय टीम पूल ई में चौथे स्थान पर रहने के बाद सातवें/आठवें स्थान का क्लासीफिकेशन मुकाबला खेलने यहां आई है। लेकिन हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम की राह इतनी आसान नहीं है क्योंकि उसके सामने 2018 विश्व कप चैम्पियन दुनिया की दूसरे नंबर की टीम है जो टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। बेल्जियम भी सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के झटके से उबरकर आखिरी मैच जीतने का पूरा प्रयास करेगी। मैच भारतीय समय के मुताबिक रात 9:45 बजे शुरू होगा।

अर्जेंटीना के खिलाफ दूसरे दौर के आखिरी मैच में हारकर बाहर हुई भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में धीमी शुरूआत और 60 मिनट तक लय बरकरार नहीं रख पाने के लिये आलोचना झेल रही है। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद बनाये रखने के लिये अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराना था लेकिन 39वें सेकंड में ही गोल गंवाने के बाद बने दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी।डिफेंस लगातार चरमराता रहा और फॉरवर्ड पंक्ति में तालमेल का अभाव दिखा जबकि मिडफील्ड में गैप का पूरा फायदा उठाकर अर्जेंटीना ने 5 -3 से जीत दर्ज करके भारत को अंतिम चार की दौड़ से बाहर कर दिया था ।भारत ने टूर्नामेंट में 14 गोल किये और 16 गंवाये।

विश्व कप में सातवां स्थान हासिल करने के अलावा भारत को अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराकर अपना खोया आत्मविश्वास भी हासिल करना होगा । विश्व कप में निराशा के बाद अब जापान के आइची नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये सीधे क्वालीफाई करना ही पिछले दो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता टीम का लक्ष्य होगा।

भारत को पेनल्टी कॉर्नर में भी विविधता लानी होगी चूंकि कप्तान हरमनप्रीत पर अत्यधिक निर्भरता भारी पड़ रही है । मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह को अपने अनुभव का इस्तेमाल करना होगा जो अभी तक नजर नहीं आया है। पेरिस ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड के खिलाफ भी 40 मिनट तक उम्दा खेल दिखाने के बाद भारत ने आखिरी बीस मिनट में तीन गोल गंवाये और 1 -3 से पराजय का सामना करना पड़ा । पूल चरण में भारत ने पाकिस्तान को 5 -3 से और वेल्स को 3 -1 से हराया था लेकिन इंग्लैंड से 4 -2 से हार गया था ।

बड़ी उम्मीदों और तैयारियों के साथ विश्व कप में उतरी भारतीय टीम से 1975 के बाद पहली बार पोडियम पर रहने की उम्मीद थी लेकिन अपनी गलतियों और खराब खेल से भारत का सपना टूटा। भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन का मानना है कि बेल्जियम के खिलाफ गलतियों की गुंजाइश नहीं होगी और उनकी टीम को सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा। उन्होंने कहा, "मैं अपनी टीम की बात करूं तो हम जीत के साथ टूर्नामेंट से विदा लेने की कोशिश करेंगे । हमारा काम अभी पूरा नहीं हुआ है और हमें अच्छा प्रदर्शन करना ही होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "बेल्जियम बेहतरीन टीम है और दुनिया की तीन शीर्ष टीमों में से है । वे भी टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से खुश नहीं होंगे । उनका खेलने का अलग तरीका है और उनके पास शानदार खिलाड़ी हैं । उनका पेनल्टी कॉर्नर अटैक और डिफेंस लाजवाब है और हमें अनुशासित प्रदर्शन करना होगा । हमें डिफेंस में सुधार की जरूरत है जिसके आधार पर आगे अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।"

यह पूछने पर कि बेल्जियम ने अपने सारे मैच इसी मैदान पर खेले हैं जबकि भारतीय टीम टूर्नामेंट का एकमात्र मैच यहां खेल रही है तो इससे क्या असर पड़ेगा , फुल्टेान ने कहा, "एम्सटर्डम में अलग माहौल था और मेजबान टीम के खिलाफ उसके मैदान पर खेलना काफी रोमांचक होता है । यह भारत के खिलाफ राउरकेला या भुवनेश्वर में खेलने जैसा होगा और हम इस शानदार माहौल में खेलने को बेताब हैं।"

दूसरी ओर पहले चरण में दो मैच जीतने और एक हारने के बाद बेल्जियम ने दूसरे चरण में आस्ट्रेलिया और स्पेन से ड्रॉ खेले जिससे अपने देश में खिताब जीतने का उसका सपना टूट गया।बेल्जियम ने प्रो लीग के पिछले सत्र में भारत को फरवरी में राउरकेला में 4 -2 और 3 -1 से हराया था। बेल्जियम के टॉम बून 19 गोल करके प्रो लीग के इस सत्र में सर्वाधिक गोल करने वाले दूसरे खिलाड़ी रहे और इस विश्व कप में भी पांच गोल कर चुके हैं । वहीं उनके साथी पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ अलेक्जेंडर हेंडरिक्स ने प्रो लीग में 15 गोल दागे थे।

(भाषा)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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