जापान क्रिकेट के लिए 22 सितंबर का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। भारतीय क्रिकेट टीम पहली बार जापान का दौरा करेगी और दोनों देशों के बीच पहला पुरुष अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबला खेला जाएगा। यह मुकाबला सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होगा। इस मैच को लेकर जापान के कप्तान केंडल कादोवाकी-फ्लेमिंग और युवा ऑलराउंडर चार्ली हारा-हिंजे काफी उत्साहित हैं।
भारत के खिलाफ मैच को लेकर उत्साहित जापान
जापान के कप्तान का मानना है कि भारत के खिलाफ यह मुकाबला सिर्फ एक यादगार मौका नहीं है, बल्कि बेसबॉल के प्रति जुनूनी देश में क्रिकेट के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। यह मैच आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों से ठीक पहले खेला जाएगा, जहां जापान भारत के साथ अफगानिस्तान और नेपाल जैसी टीमों की मेजबानी भी करेगा।
कादोवाकी-फ्लेमिंग ने पीटीआई वीडियो से बात करते हुए कहा कि अफगानिस्तान और नेपाल जैसे देशों का जापान आना ही यहां क्रिकेट के लिए बहुत बड़ा विकास है। उन्होंने कहा, "यह बेहद रोमांचक है। कुछ साल पहले तक हमने सोचा भी नहीं था कि ऐसा आयोजन संभव होगा। इससे पता चलता है कि जापान में क्रिकेट ने कम समय में कितनी तरक्की की है।"
भारत के खिलाफ खेलना जापान के लिए रोमांचक
हालांकि यह मौका ऐतिहासिक है, लेकिन जापान के कप्तान ने साफ कहा कि उनकी टीम सिर्फ जश्न मनाने के लिए मैदान पर नहीं उतरेगी। उन्होंने कहा, "भारत के खिलाफ खेलना रोमांचक है, लेकिन हम सिर्फ इस मौके का जश्न मनाने नहीं उतर रहे हैं। हम दिखाना चाहते हैं कि पुरुष टीम के तौर पर हम क्या कर सकते हैं। भारत के पास तेज गेंदबाजी, बल्लेबाजी और स्पिन हर विभाग में विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ खेलना हमारे लिए शानदार अनुभव होगा।" उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह मैच पूर्ण सदस्य देशों के खिलाफ खेलने की एक लंबी शुरुआत होगी।
वहीं 17 साल के युवा ऑलराउंडर चार्ली हारा-हिंजे भारत की युवा प्रतिभाओं से वाकिफ हैं। जापान ने 2024 अंडर-19 एशिया कप में भारत का सामना किया था, जिसमें आयुष म्हात्रे और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी थे। हारा-हिंजे ने कहा, "हम उस मैच में काफी रोमांचित थे। हमने उन खिलाड़ियों को गेंदबाजी कर काफी कुछ सीखा और देखा कि वे कितने बेहतरीन हैं।"
