Satya Niketan Hadsa: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके (Satya Niketan Collapse) में 6 सितंबर को एक पीजी (PG) इमारत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में न्याय की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस हादसे में 7 बेकसूर लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले में घिरते देख आरोपी पीजी ऑपरेटर शुभम त्यागी ने पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इससे एक दिन पहले ही अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए शुभम त्यागी और उसके पार्टनर सुधांशु दोनों को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही पुलिस हादसे से जुड़े अहम सबूत और शुभम का मोबाइल फोन भी बरामद करने में जुटी है।
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MCD ने की बड़ी कार्रवाई
घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर उठे सवालों के बीच नगर निगम (MCD) ने भी बड़ी कार्रवाई की है। साउथ वेस्ट जोन के बिल्डिंग विभाग में तैनात असिस्टेंट इंजीनियर रविंदर कुमार और जूनियर इंजीनियर सुमन सौरभ तथा मोहित यादव को आधिकारिक कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
41 गैर-कानूनी इमारतों को किया ध्वस्त
निगम ने साफ किया है कि अवैध निर्माण को बढ़ावा देने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, दिल्ली में अवैध निर्माणों के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया जा रहा है। अब तक निगम ने 41 गैर-कानूनी इमारतों को ध्वस्त कर दिया है और 61 असुरक्षित ढांचों को सील कर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने छात्रों की सुरक्षा और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक राहत भरा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय और उसके संघटक कॉलेजों में हॉस्टल की क्षमता को दोगुनी से अधिक करने की तैयारी है। वर्तमान में उपलब्ध 7,210 सीटों को नई परियोजनाओं के जरिए बढ़ाकर 12,754 किया जाएगा। इससे बाहर से आने वाले छात्रों को सुरक्षित और भरोसेमंद आवास मिल सकेगा।
