स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट फैंस का करीब चार दशक लंबा इंतजार खत्म होने जा रहा है। श्रीनगर का शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम पहली बार ईरानी कप की मेजबानी करेगा। 1 से 5 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर और रेस्ट ऑफ इंडिया के बीच पांच दिवसीय मुकाबला खेला जाएगा। इस मुकाबले के साथ स्टेडियम में करीब 40 साल बाद टॉप-लेवल क्रिकेट की वापसी होगी। इससे पहले यहां आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 9 सितंबर 1986 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था।
1983 में हुई थी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत
शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 13 अक्टूबर 1983 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे के रूप में खेला गया था। मैच के दौरान लंच ब्रेक में पिच से छेड़छाड़, बारिश और धूल भरी आंधी ने खूब सुर्खियां बटोरीं। इसके बावजूद डेसमंड हेन्स के नाबाद 55 रन की मदद से वेस्टइंडीज ने मुकाबला जीत लिया था। तीन साल बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने हुए। एलन बॉर्डर की नाबाद 90 रन की पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने भारत को तीन विकेट से हराया। इसके बाद इस मैदान पर कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं हुआ।
रणजी चैंपियन J&K के लिए बड़ा मौका
ईरानी कप की मेजबानी जम्मू-कश्मीर के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि टीम ने पिछले सीजन में 67 साल बाद पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। फाइनल में उसने कर्नाटक को हराकर इतिहास रचा। अब अपने घर में देश के शीर्ष घरेलू रेड-बॉल टूर्नामेंट के मुकाबले की मेजबानी से घाटी के खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है।
मैच के लिए तैयार स्टेडियम
JKCA ने मुकाबले को लेकर स्टेडियम में बड़े स्तर पर काम कराया है। BCCI की टीम के निरीक्षण के बाद ब्रॉडकास्टिंग रूम, कैमरा टावर, मैच अधिकारियों के कमरे, ड्रेसिंग रूम और लाइव प्रसारण से जुड़ी सुविधाएं तैयार की गई हैं। JKCA के क्रिकेट ऑपरेशन्स प्रमुख माजिद डार के मुताबिक, इनमें से कई सुविधाएं स्थायी तौर पर बनाई गई हैं। दर्शकों की क्षमता भी करीब 2,500 से बढ़ाकर अस्थायी तौर पर 5,000 की गई है।
फैंस को मुफ्त मिलेंगे टिकट
मैच देखने के लिए फैंस को टिकट के लिए पैसे खर्च नहीं करने होंगे। प्रवेश पास 'पहले आओ, पहले पाओ'के आधार पर मुफ्त दिए जाएंगे। हालांकि, कुछ सीटें आमंत्रित मेहमानों के लिए आरक्षित रहेंगी। पास 30 सितंबर को दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक स्टेडियम परिसर में आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र के सत्यापन के बाद जारी किए जाएंगे। अब 1 अक्टूबर को जब जम्मू-कश्मीर और रेस्ट ऑफ इंडिया की टीमें शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में उतरेंगी, तो चार दशक से खामोश इस मैदान में एक बार फिर बल्ले की आवाज और दर्शकों की तालियां सुनाई देंगी।
