गुवाहाटी: भारत के बायें हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने स्वीकार किया कि भारत में हर प्रारूप में खेलने का मौका मिलना आसान नहीं है लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आक्रामक मानसिकता से वह अपनी जगह बनाये हुए हैं। कुलदीप ऑस्ट्रेलिया में पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के बीच से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला खेलने स्वदेश लौट आये थे। उन्होंने पहले टेस्ट में चार विकेट लिये हालांकि भारत 30 रन से हार गया था।
टेस्ट क्रिकेट खेलने में आता है मजा
सभी प्रारूप मिलाकर 342 विकेट ले चुके कुलदीप ने जियो स्टार के 'फॉलो द ब्लूज' कार्यक्रम में कहा,'निश्चित तौर पर आप तीनों प्रारूप खेलना चाहेंगे लेकिन टेस्ट खेलने में मजा आता है। भारत में सभी प्रारूपों में खेल पाना आसान नहीं है। हर किसी को टेस्ट क्रिकेट पसंद है। सभी को इसमे मजा आता है लेकिन यह काफी चुनौतीपूर्ण भी है। अगले चार पांच साल टेस्ट क्रिकेट में मेरे लिये काफी अहम हैं तो मैं अपनी फिटनेस बनाये रखने और इसी तरह से खेलने पर फोकस करूंगा।'
विकेट लेना है मेरा काम, आक्रामक मानसिकता के साथ खेलता हूं
कुलदीप ने कहा कि अपनी भूमिका को लेकर वह स्पष्ट है और टीम प्रबंधन के सहयोग से वह आक्रामक मानसिकता के साथ खेल पाते हैं। कुलदीप ने कहा,'एक आक्रामक गेंदबाज के तौर पर मैं काफी स्पष्ट हूं। मुझे अपनी भूमिका पता है। कोच और कप्तान ने काफी स्पष्टता और सहयोग दिया है। मैं हमेशा आक्रामक मानसिकता से खेलता हूं और मेरा काम विकेट लेना है। कोच भी मुझसे यही चाहते हैं।'
कैसे बढ़ता है गेंदबाजों का आत्मविश्वास
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका जैसी कठिन टीमों से खेलकर खिलाड़ियों को सीखने और आत्मविश्वास में इजाफा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा,'जब आप अच्छी टीम के खिलाफ खेलते हैं तो उम्दा बल्लेबाजों को गेंदबाजी करके उनके विकेट लेते हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। आपको मजबूत टीमों के खिलाफ अपनी गलती तुरंत पता चल जाती है। मुझे इसलिये दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलने में मजा आ रहा है।'
(भाषा)
