इंडियन प्रीमियर लीग के 16वें सीजन की शुरुआत 31 मार्च से होने जा रही है। पहला मुकाबला पिछले बार की चैंपियन गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाएगा। 2019 के बाद से पहली बार यह लीग Home-Away फॉर्मेट में खेला जाएगा। हालांकि, इस बार इस लीग को बायो-बबल से दूर रखा गया है। इसके बावजूद कोविड-19 से सतर्क रहने के लिए आईपीएल मैनेजमेंट द्वारा कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, जिसे मानना अनिवार्य होगा।
ईएसपीएन क्रिकइन्फो की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्रेंचाइजी को आईपीएल के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कोविड पॉजिटिव होने पर खिलाड़ियों या सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को 7 दिनों तक आइसोलेशन में रहना होगा, भले ही दुनिया भर में इन प्रतिबंधों में ढील दी गई हो।
आईपीएल द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि 'हालांकि भारत में कोविड-19 मामलों की संख्या में गिरावट आई है, फिर भी हमें आने वाली चुनौतियों से सावधान रहना होगा, जो नियमित अंतराल पर चिंता का विषय बन रहे हैं' COVID-19 पॉजिटिव खिलाड़ियों को 5 दिन के आइसोलेशन के बाद RT-PCR टेस्ट से गुजरना होगा। यदि रिजल्ट निगेटिव आते हैं तो उसे टीम में शामिल होने के 24 घंटे पहले एक और टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।
दिशानिर्देशों के अनुसार, केवल उन्हीं खिलाड़ियों का टेस्ट कराया जाएगा, जिनमें इसके लक्षण पाए जाएंगे। जिनसे उनका संपर्क होगा वैसे खिलाड़ी का टेस्ट नहीं किया जाएगा। हमने CWG 2022 के फाइनल में तालिया मैक्ग्राथ और AUS बनाम SA टेस्ट में मैट रेनशॉ को लक्षण के बावजूद मैदान में उतरते देखा है, लेकिन BCCI और IPL इस बार कोई जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं।
