CSK Captain List All Time, Record, Performance: आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स मतलब एमएस धोनी होता है। लेकिन अब यह बदल जाएगा। आईपीएल के 17वें सीजन की शुरुआत से एक दिन पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने नए कप्तान के नाम का ऐलान कर दिया। चेन्नई सुपर किंग्स की टीम इस सीजन टीम के युवा बल्लेबाज रुतुराज की कप्तानी में खेलने उतरेगी।
रुतुराज का बल्ला आईपीएल में जमकर गरजता है। पिछले सीजन में रुतुराज ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर टीम को चैम्पियन बनाया था। रुतुराज ने 16 मैचों में 147.50 की स्ट्राइक रेट और 42.14 की औसत से रन बनाए थे। उन्होंने आईपीएल 2023 में कुल 590 रन बनाए थे। वे अपनी टीम के दूसरे टॉप स्कोरर थे, जबेक ओवरऑल 7वें नंबर पर रहे थे। वे आईपीएल में पहली बार कप्तानी करते हुए नजर आएंगे। इस मुकाबले से पहले चेन्नई सुपर किंग्स की कमान संभाल चुके कप्तानों के प्रदर्शन पर नजर डालते हैं।

एमएस धोनी का प्रदर्शन। (फोटो- IPL/BCCI)
1. एमएस धोनी का रिकॉर्ड है सबसे तगड़ा
चेन्नई सुपर किंग्स की कमान सबसे ज्यादा विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी ने संभाला है। धोनी ने आईपीएल में 212 मैचों में कप्तानी की है। इस दौरान धोनी की कप्तानी में टीम को 60.38 प्रतिशत जीत मिली है यानी 128 मैचों में जीत मिली है, जबकि 82 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। उनका हार प्रतिशत मात्र 38.68 प्रतिशत है। वहीं, उनकी कप्तानी में दो मैचों का परिणाम नहीं निकल पाया था।

रवींद्र जडेजा का प्रदर्शन। (फोटो- IPL/BCCI)
2. रवींद्र जडेजा की कप्तानी में 75 प्रतिशत मैचों में मिली हार
चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान रवींद्र जडेजा की कप्तानी में टीम ने 8 मैच खेले हैं। इसमें 2 मैचों में जीत, जबकि 6 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। अगर प्रतिशत में देखें तो जडेजा की कप्तानी में टीम को 25 प्रतिशत मैचों में जीत मिली है, जबकि 75 प्रतिशत मैचों में हार का सामना करना पड़ा था।

सुरेश रैना का प्रदर्शन। (फोटो- IPL/BCCI)
3. सुरेश रैना का रिकॉर्ड भी खराब
आईपीएल में बतौर खिलाड़ी सुरेश रैना अपने नाम कई रिकॉर्ड बनाए, लेकिन वे बेस्ट कप्तान बनने में सफल नहीं हो पाए। आईपीएल में सुरेश रैना ने कुल 5 मैचों में चेन्नई सुपर किंग्स की कमान संभाली, लेकिन उनकी कप्तानी में टीम को सिर्फ एक मैचों में जीत मिली और 4 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। अगर प्रतिशत के लिहाज से देखें तो रैना की कप्तानी में टीम को 20 प्रतिशत मैचों में जीत मिली है, जबकि 80 प्रतिशतक मैचों में हार का सामना करना पड़ा था।
