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बचपन में ही विव्रांत के सिर से उठ गया था मां-बाप का हाथ, पर न छूटा गेंद-बल्ले का साथ, तप-त्याग ने ऐसे दिलाई टैलेंट को पहचान

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 24, 2022, 10:51 AM IST

Who is Vivrant Sharma: जम्मू और कश्मीर के ऑलराउंडर खिलाड़ी विव्रांत शर्मा युवराज सिंह के बड़े फैन हैं। उनके बड़े भाई विक्रांत भी क्रिकेटर बनना चाहते थे, पर पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वह अपने सपने को साकार न कर सके।

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IPL 2023 के लिए विव्रांत शर्मा को सनराइजर्स हैदराबाद ने 2.6 करोड़ रुपए में खरीदा है। (फोटोः @SunRisers)

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Who is Vivrant Sharma: हिंदुस्तान में क्रिकेट के महाकुंभ यानी कि आईपीएल के इस सीजन (2023) के लिए विव्रांत शर्मा को सनराइजर्स हैदराबाद ने खरीदा है। जम्मू और कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले इस 23 साल के प्लेयर का बेस प्राइस 20 लाख रुपए था, जबकि उन्हें 2.6 करोड़ रुपए खरीदा गया। बाएं हाथ का यह ओपनर जिस तरीके से आईपीएल के मिनी ऑक्शन में हीरो बनकर उभरा, उससे कहीं अधिक दिल को छू लेने वाली उनकी निजी जिंदगी की कहानी है।

बचपन में ही उनके सिर से मां-बाप का साया उठ गया था। भाई विक्रांत शर्मा (उम्र में लगभग 10 साल बड़े) के मुताबिक, 2005 में मां का निधन हुआ था और उसके बाद वह ही उनकी देखभाल करते थे। घर की जिम्मेदारियों के चलते वह क्रिकेट से दूर हो गए थे। इस बीच, विव्रांत खेल के करीब आ गए। वह छह साल की उम्र में 'गेंद-बल्ले से दोस्ती' कर बैठे थे। फिर 2015 में पिता गुजर गए। हालांकि, इस दौर से गुजरते हुए विव्रांत जम्मू से खेलने लगे थे।

प्रैक्टिस के बीच वह भाई के साथ मैदान जाते, उसे बेहतर बनाने के लिए बॉलिंग कराते और टिप्स देते। ग्राउंड पर पसीना बहाना रंग लाया और आगे जम्मू और कश्मीर की कई एज ग्रुप की टीम में विव्रांत सेलेक्ट होने लगे। वह टीम से एक दफा ड्रॉप भी कर दिए गए थे, मगर उससे सबक लेते हुए वह तेजी से आगे बढ़े और कभी पीछे नहीं मुड़े।

बड़े भाई ने एक न्यूज वेबसाइट को बताया- मुझे देखकर विव्रांत बॉल फेंकने लगा। इस दौरान कोच रणधीर सिंह उर्फ राजन सर (आजाद क्रिकेट स्टेडियम कोचिंग सेंटर में) ने हमें क्रिकेट के गुर सिखाए। जम्मू से ही नाता रखने वाले सनराइजर्स हैदराबाद में खेल चुके अब्दुल समद भी वहीं ट्रेनिंग किया करते थे। चूंकि, भाई लेफ्ट आर्म स्पिनर है और हैदराबाद टीम को राशिद खान (दूसरी फ्रैंचाइजी में गए) की जगह ऐसे ही प्लेयर की जरूरत थी तो समद ने हैदराबाद के कोचिंग स्टाफ को इस बारे में बताया और उनके परफॉर्मेंस का वीडियो बनाकर टीम को दिखाया। फिर उन्हें बुलाया गया और इस तरह उन्हें टीम में ब्रेक (नेटबॉलर के नाते) मिला।

आईपीएल में ताजा नीलामी पर भाई ने कहा- विव्रांत का परफॉर्मेंस अच्छा था, इसलिए यकीन था कि वह बिक जाएगा। मगर यह नहीं सोचा था कि उसे इतने पैसे मिलेंगे। कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद में जब उसे खरीदने की होड़ मची तो समझ गया कि उसकी मेहनत का असर अब दिखने लगा है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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