सिडनी: साल 2007 में जब पहला टी-20 विश्व कप हुआ था तब किसी ने शायद ही उम्मीद की थी कि भारत इस फॉर्मेट का पहला चैंपियन बनेगा, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया ने न सिर्फ पहला टी-20 विश्व कप अपने नाम किया, बल्कि दुनिया को भी दिखा दिया कि वह इस फॉर्मेट के भी बादशाह हैं।
2007 के बाद 2009, 2010, 2012, 2014, 2016, 2021 में भी टी-20 विश्व कप हुए लेकिन भारत इनमें से किसी भी साल ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं हुआ। 2021 में विराट की कप्तानी में टीम को काफी उम्मीदें थी लेकिन यहां भी भारतीय फैंस को निराशा हाथ लगी। 15 साल से टीम इंडिया की खिताबी झोली खाली है। लेकिन हिटमैन की आर्मी ने इस बार जैसी शुरुआत की है उससे खिताबी सूखे के खत्म होने की आशा जगी है।
पाकिस्तान को मात देकर की है धमाकेदार शुरुआत
बात करें 2022 यानी ऑस्ट्रेलिया में अभी खेले जा रहे हैं टी-20 विश्व कप की तो यहां भारत ने रोहित शर्मा की अगुवाई में पहले मैच में पाकिस्तान को जिस तरह से धूल चटाई है उससे एक बात तो साबित है कि भारतीय टीम इस साल विश्व कप में कुछ अलग करने के मूड में दिख रही है। जीत के इस सिलसिले को टीम इंडिया ने नीदरलैंड के खिलाफ भी बरकरार रखते हुए अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।टॉप ऑर्डर के धराशाई होने के बाद हासिल की जीतपाकिस्तान के खिलाफ मैच में भारत ने जिस तरह से 31 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे और फैंस की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही थी उसी समय विराट कोहली और हार्दिक पांड्या ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेल ना केवल टीम इंडिया को जीत दिलाई बल्कि भारतीय फैंस की कप अपने नाम करने की उम्मीदों को भी जिंदा रखा।
