IND vs SL Test: भारतीय टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने श्रीलंका पहुंच गई है। पहला मैच 15 अगस्त से गॉल के मैदान पर खेला जाएगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने की उम्मीदों को बचाने के लिए भारत को दोनों टेस्ट मुकाबलों में जीत दर्ज करना जरूरी है। कप्तान शुभमन गिल के लिए यह दौरा बिल्कुल भी आसान नहीं होगा। वह पहली बार टेस्ट कप्तान बनकर श्रीलंका की जमीन पर उतर रहे हैं। श्रीलंका में भारत ने अब तक 8 बार टेस्ट सीरीज खेली है। जिसमें सिर्फ एक कप्तान ने भारतीय टीम को सीरीज में जीत दिलाई है।
41 साल पहले किया था पहला दौरा
भारतीय टीम का पहला श्रीलंका दौरा साल 1985 में हुआ था और आखिरी बार टीम 2017 में वहां गई थी। हालांकि, वहां जाकर जीत दर्ज करना भारत के लिए हमेशा मुश्किल रहा है। श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीतने वाले भारत के इकलौते कप्तान विराट कोहली हैं। कोहली से पहले और बाद में कोई भी कप्तान वहां टेस्ट सीरीज नहीं जीत सका है। साल 1985 में जब भारत पहली बार श्रीलंका गया था तब कप्तान कपिल देव थे। दो मैचों की सीरीज में एक मैच मेजबान ने जीता और दूसरा टेस्ट ड्रॉ हुआ था।
ना अजहरुद्दीन, ना कपिल और ना ही गांगुली
इसके बाद साल 1993 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की अगुवाई में भारतीय टीम ने वहां पहली टेस्ट जीत तो दर्ज की थी, लेकिन सीरीज अपने नाम नहीं कर सकी। सौरव गांगुली को विदेशों में टीम को लड़ाकू बनाने वाला कप्तान माना जाता है। लेकिन 2001 में उनकी कप्तानी में भी टीम श्रीलंका में 1-2 से सीरीज हार गई थी। इसके बाद 2008 में अनिल कुंबले के नेतृत्व में भी यही कहानी दोहराई गई। तब भी भारतीय टीम 1-2 से पिछड़ गई।
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धोनी की कप्तानी में भी नहीं जीता भारत
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2010 में भारतीय टीम ने एक बार फिर श्रीलंका का दौरा किया। तब दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर रही। इसके बाद असली बदलाव 2015 में आया जब विराट कोहली भारतीय टीम के कप्तान बने। कोहली की टीम ने 2015 में श्रीलंका में 2-1 से सीरीज जीती। वहीं दो साल बाद साल 2017 में तो कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने मेजबान श्रीलंका को उसी के घर में 3-0 से रौंद दिया था। यही एकमात्र मौका है जब किसी भारतीय कप्तान ने श्रीलंका में जाकर टेस्ट सीरीज जीती हो।
शुभमन गिल के पास इतिहास बनाने का मौका
भारतीय टीम अब 9 साल बाद फिर श्रीलंका पहुंची है। इस बार टीम में विराट कोहली, रोहित शर्मा, आर अश्विन जैसे बड़े नाम नहीं हैं। टीम की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों और नए कप्तान शुभमन गिल के कंधों पर है। श्रीलंका की पिचें धीमी और घूमने वाली होती हैं। वहां टिककर बल्लेबाजी और धैर्य से गेंदबाजी करनी पड़ती है। गिल के सामने इतिहास तोड़ने की चुनौती है। अगर वह ऐसा कर पाए तो उनका नाम भी कोहली के साथ श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीतने वाले कप्तानों की सूची में जुड़ जाएगा।
