IND vs PAK, Team India: भारत ने पाकिस्तान को अपने पहले टी20 वर्ल्ड कप के मुकाबले में 4 विकेट से हरा दिया है। इंडिया बनाम पाकिस्तान (India vs Pakistan) मैच के दौरान टीम इंडिया (Team India) के मैनेजमेंट ने एक बेहतरीन रणनीति अपनाई है। जो गेंदबाजी के दौरान टीम इंडिया के काफी काम आई है। भारतीय टीम मैनेजमेंट (Team India Management) ने समय और खिलाड़ियों की एनर्जी के लिए एमसीजी की बाउंड्री पर अपने सहयोगी स्टाफ और एक्स्ट्रा खिलाड़ियों को तैनात किया कर दिया है। जब भी गेंद बाउंड्री पर जाती तो वहां तैनात व्यक्ति उसे वापस खिलाड़ी की तरफ फेंक देता है।
Slow Over rate: स्लो ओवर रेट पर मिलती है पेनल्टी
क्रिकेट मैच के दौरान समय को कम करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने जनवरी 2022 में T20I क्रिकेट में स्लो ओवररेट के दंड को लागू किया। टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में धीमी ओवर रेट के चलते पारी के बाकी ओवरों के लिए 30-यार्ड सर्कल के बाहर एक एक फील्डर कम कर दिया जाता है। यह एक तरह की इन-मैच पेनल्टी की तरह है।
ऑस्ट्रेलिया ने अपनाई थी ये रणनीति
दरअसल ये रणनीति पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपनाई थी। जिसके बारे में बात करते हुए, ऑलराउंडर एश्टन एगर ने एक वीडियो में कहा, ‘पावरप्ले में जाहिर है कि गेंद इधर-उधर जाती है और जिसमें काफी समय लगता है और खिलाड़ी को बार-बार गेंद लेने जाना पड़ता है। इसलिए समय को मैनेज करना वाकई मुश्किल है। तो मुझे लगता है कि जो लोग चारों ओर बेंच पर हैं उन्हें तैनात करने से आप हर बॉल पर 10 सेकेंड तक बचा सकते हैं। इससे आपको गेम के आखिर में काफी फायदा मिल सकता है।
एशिया कप में की थी बड़ी गलती
स्लो ओवर रेट की वजह से टीम इंडिया को हाल ही में हुए एशिया कप में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। T20I क्रिकेट में स्लो ओवर रेट पेनल्टी का इस्तेमाल पहली बार 16 जनवरी, 2022 को वेस्टइंडीज और आयरलैंड के बीच एक बार के T20I में किया गया था। ICC के नियमों के अनुसार, ‘खिलाड़ियों पर स्लो ओवर रेट के लिए 20 प्रतिशत मैच फीस भी गंवानी पड़ सकती है।
