कर्नाटक के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के अचानक गायब होने की खबरों पर राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने शनिवार को स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। प्रियंक खरगे ने बताया कि 2016 बैच के आईएएस अधिकारी गंगवार लापता नहीं हैं, बल्कि अपने पिता के स्वास्थ्य से जुड़ी पारिवारिक इमरजेंसी के कारण उत्तर प्रदेश स्थित अपने गृह नगर गए हुए हैं।
गृह मंत्री ने सोशल मीडिया और मीडिया में चल रही उन खबरों को भी खारिज कर दिया, जिनमें अधिकारी की गैर-मौजूदगी को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में हाल ही में पड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापों से जोड़ा जा रहा था। खरगे ने स्पष्ट किया कि आईएएस गंगवार ने आधिकारिक तौर पर हस्तलिखित छुट्टी की अर्जी दी थी, जिसमें उन्होंने अनिवार्य कारणों से एक हफ्ते की छुट्टी का अनुरोध किया है। चूंकि शुक्रवार को त्योहार के कारण सरकारी दफ्तर पूरी तरह क्रियाशील नहीं थे, इसलिए उनकी छुट्टी तुरंत प्रोसेस नहीं हो सकी।
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एक-दो दिन में लौट आएंगे बेंगलुरु-गंगवार
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियांक खरगे ने कहा कि अधिकारी के पिता दिल के मरीज हैं और अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ने की वजह से उन्हें जल्दबाजी में निकलना पड़ा। यात्रा के दौरान उनका फोन बंद होने से संपर्क नहीं हो पाया था, लेकिन अब उनसे बात हो चुकी है। गंगवार ने स्पष्ट किया है कि वे एक-दो दिन में बेंगलुरु लौट आएंगे और वे किसी भी जांच एजेंसी का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वर्तमान में उनके खिलाफ न तो कोई आरोप है और न ही कोई जांच लंबित है।
इसी साल हटाए गए थे केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद से
उल्लेखनीय है कि ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार इससे पहले केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थे और इसी साल मार्च में उन्हें हटाया गया था। केपीएससी में हाल ही में पशुचिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में हुए कथित घोटाले को लेकर ईडी की छापेमारी हुई है। इसी बीच राज्य कैबिनेट ने केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते निलंबित करने और जांच शुरू करने की सिफारिश राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की है।
