MS Dhoni ICC Hall of Fame: भारतीय टीम के चैंपियन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने एक बड़ा सम्मान दिया है। आईसीसी ने महेंद्र सिंह धोनी को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल कर लिया है। धोनी इस खास सम्मान को पाने वाले 10वें भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। धोनी के साथ साथ इस साल आईसीसी ने हाशिम आमला और मैथ्यू हेडन, ग्रीम स्मिथ, डेनियल विट्टोरी, सना मिर और सारा टेलर को भी इसमें शाामिल किया है। अपने शांत स्वभाव, अद्वितीय कप्तानी कौशल और विकेटकीपिंग-बल्लेबाजी के अनूठे संयोजन से धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 17,266 रन, 829 डिसमिसल और 538 मैचों के साथ एक अमिट छाप छोड़ी है। इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए धोनी ने कहा, "ICC हॉल ऑफ फेम में जगह पाना गर्व की बात है। यह सम्मान मेरे साथ हमेशा रहेगा।"
विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में एक क्रांति
2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले धोनी ने पारंपरिक विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की परिभाषा ही बदल दी। उनकी अनकॉन्वेंशनल तकनीक ने विकेटकीपिंग को एक नए स्तर पर पहुंचाया—चाहे वह मिलीसेकंड में स्टंपिंग करना हो या असंभव सी लगने वाली कैच पकड़ना। बल्लेबाजी में भी उन्होंने पावर-हिटिंग को नए मायने दिए। पाकिस्तान के खिलाफ 148 और श्रीलंका के खिलाफ 183* जैसी पारियों ने उन्हें एक खतरनाक फिनिशर के रूप में स्थापित किया।
2007 T20 वर्ल्ड कप: धोनी की कप्तानी में इतिहास रचा भारत ने
2007 में जब धोनी को युवा टीम की कप्तानी मिली, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वह भारत को पहला T20 वर्ल्ड कप दिलाएंगे। रोहित शर्मा, आरपी सिंह, रॉबिन उथप्पा जैसे युवाओं के साथ उन्होंने फियरलेस क्रिकेट का नया अध्याय लिखा। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में मिस्बाह-उल-हक का अंतिम ओवर में विकेट लेकर धोनी ने भारत को चैंपियन बनाया। यह जीत भारतीय क्रिकेट के "नए युग" की शुरुआत थी।
