Chris Woakes on Injury: इंग्लैंड के अनुभवी ऑलराउंडर क्रिस वोक्स ने भारत के खिलाफ ओवल टेस्ट के आखिरी दिन चोटिल होने के बावजूद बल्लेबाजी करने का साहस दिखाया और सभी का दिल जीत लिया। इसके बाद उन्होंने खुलासा किया कि कंधे की हड्डी खिसकने के बावजूद उन्होंने कभी भी मैदान पर न उतरने का विचार नहीं किया था लेकिन परिस्थिति के हिसाब से वे टीम के लिए खड़े हो गए।
क्रिस वोक्स ने बताया कि जब उन्हें यह चोट लगी, तो एक पल के लिए उन्हें लगा कि कहीं उनका पूरा करियर खतरे में न आ जाए। इसके बावजूद, उन्होंने अपने टीम और साथी खिलाड़ियों के लिए मैदान पर उतरने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि “आप जानते हैं कि आप किसी बड़ी चीज़ का हिस्सा हैं। आप सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि टीम, स्टाफ, दर्शकों और देश के लिए खेलते हैं।”
बायां हाथ स्लिंग में, फिर भी मैदान में उतरे
मैच के अंतिम दिन वोक्स पट्टे में बंधे बाएं हाथ के साथ अंतिम बल्लेबाज के तौर पर उतरे। उनका हाथ उनकी जर्सी के अंदर था, लेकिन फिर भी उन्होंने बल्लेबाजी की।“मैं अब भी बहुत निराश हूं कि हम जीत की दहलीज पार नहीं कर पाए। लेकिन मैदान पर न उतरने का विचार कभी आया ही नहीं।”
एक हाथ से की बल्लेबाजी की तैयारी
वोक्स ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने मैच के चौथे दिन से ही इंग्लैंड के सहायक कोच मार्कस ट्रेस्कोथिक के साथ एक हाथ से बल्लेबाजी का अभ्यास शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि “दर्द बहुत था, लेकिन हमने फैसला किया कि बाएं हाथ के बल्लेबाज की तरह खेलना बेहतर होगा ताकि कंधे को थोड़ा सपोर्ट मिल सके।”
दर्शकों और भारतीय खिलाड़ियों का सम्मान
जब वोक्स मैदान पर उतरे, तो दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। कुछ भारतीय खिलाड़ियों ने भी उनके साहस का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि “तालियां अच्छी लगीं और कुछ भारतीय खिलाड़ी भी मेरे पास आए। लेकिन कोई भी खिलाड़ी ऐसा ही करता। आप नौ विकेट गिरने के बाद मैच नहीं छोड़ सकते।”
शुभमन गिल और ऋषभ पंत से बातचीत
वोक्स ने शुभमन गिल और ऋषभ पंत के साथ बातचीत का जिक्र किया, जिन्होंने उनकी बहादुरी की तारीफ की। शुभमन ने उन्हें ‘अविश्वसनीय साहसी’ बताया। वहीं पंत ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर करते हुए ‘सैल्यूट इमोजी’ के साथ उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि “ऋषभ ने मुझे एक वॉइस नोट भेजा और कहा – ‘उम्मीद है कि सब ठीक होगा, जल्दी ठीक हो जाइए। उम्मीद है हम फिर से मैदान पर मिलेंगे।’ मैंने उनके टूटे पैर के लिए माफी भी मांगी।”
दौड़ना था सबसे मुश्किल काम
क्रिस वोक्स ने अंत में कहा कि विकेटों के बीच दौड़ना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि चोट के कारण उन्हें असहनीय दर्द हो रहा था।
(भाषा)
