मेलबर्न: ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने सोमवार को अपने साथी उस्मान ख्वाजा का समर्थन करते हुए कहा कि इस सलामी बल्लेबाज का गाजा में मानवीय दुर्दशा को सामने लाने का प्रयास ‘आक्रामक नहीं’ है। क्रिकेट की वैश्विक संचालन संस्था आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने ख्वाजा के पाकिस्तान के खिलाफ ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट के दौरान अपने बल्ले और जूते पर जैतून के पेड़ की शाखा पकड़े काले ‘डव’ (कबूतर) का स्टिकर लगाने की मांग खारिज कर दी थी।
मैं ख्वाजा का करता हूं समर्थन
कमिंस ने कहा कि उन्हें ख्वाजा के अपने बल्ले और जूते पर ‘डव लोगो’ लगाकर मानवीय मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और साथी मार्नस लाबुशेन के धार्मिक व्यक्तिगत संदेश दर्शाने के लिए अपने बल्ले पर चील का लोगो लगाने में कोई अंतर नहीं दिखता। कमिंस ने एमसीजी पर होने वाले दूसरे टेस्ट की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, 'हम वास्तव में उज्जी (उस्मान ख्वाजा) का समर्थन करते हैं। वह जिसमें विश्वास करता है, उसी पर अडिग है और मुझे लगता है कि उसने बहुत ही सम्मानजनक तरीके से यह प्रदर्शित किया है।'
मुझे नहीं लगता यह है आक्रामक संदेश
उन्होंने कहा,'जैसा कि मैंने पिछले हफ्ते कहा कि ‘सभी की जिंदगी समान है’ में मुझे नहीं लगता कि यह बहुत आक्रामक संदेश है और मैं ‘डव’ के बारे में भी यही कहूंगा।' पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जन्में 37 साल के ख्वाजा का समर्थन करते हुए कमिंस ने कहा,'लेकिन निश्चित रूप से कुछ नियम बनाये हुए हैं और मुझे लगता है कि आईसीसी ने कह दिया है कि वे इसे मंजूर नहीं करेंगे। वे नियम बनाते हैं और आपको इसे स्वीकार करना होगा।'
पहले टेस्ट में काली पट्टी बांधने पर लगी थी ख्वाजा को फटकार
आईसीसी ने पर्थ में ऑस्ट्रेलिया की पाकिस्तान पर 360 रन की जीत के दौरान ख्वाजा को काली पट्टी बांधने के लिए फटकार लगायी थी।
