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पेज इंडस्ट्रीज की वो बिजनेस स्ट्रेटेजी, जिसने Jockey को बनाया भारत का नंबर-1 इनरवियर ब्रांड

जॉकी भारत में सिर्फ एक इनरवियर ब्रांड नहीं, बल्कि भरोसे और मजबूत बिजनेस मॉडल की मिसाल बन चुका है। पेज इंडस्ट्रीज के एक्सक्लूसिव लाइसेंस, 54 फीसदी ROE, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन और वर्टिकल इंटीग्रेशन ने इसे 39,894 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली कंपनी बनाया है।

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पेज इंडस्ट्रीज की वो बिजनेस स्ट्रेटेजी, जिसने Jockey को बनाया भारत का नंबर-1 इनरवियर ब्रांड

पेज इंडस्ट्रीज की सबसे पहली और क्रांतिकारी स्ट्रेटेजी थी 'इनरवियर को एक प्रीमियम लाइफस्टाइल प्रोडक्ट' के रूप में पेश करना। 90 के दशक में जहां अन्य ब्रांड्स अपने विज्ञापनों में केवल जरूरत की बात करते थे, वहीं जॉकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के बोल्ड, ट्रेंडी और प्रीमियम विज्ञापनों के जरिए युवाओं को आकर्षित किया। उन्होंने इनरवियर को 'कंफर्ट और स्टाइल स्टेटमेंट' के रूप में स्थापित किया। इसके अलावा, पेज इंडस्ट्रीज ने डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेलिंग के मामले में एक बड़ा बदलाव किया।

कैसे हुई शुरुआत?

उन्होंने पारंपरिक तंग और अंधेरी दुकानों के बजाय जॉकी के एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स (EBOs) और आधुनिक मॉल्स में बड़े, साफ-सुथरे और खुले शोरूम खोले। इससे ग्राहकों, विशेषकर महिला ग्राहकों को बिना किसी झिझक के अपनी पसंद और साइज के इनरवियर खुद चुनकर खरीदने की आजादी और एक बेहतरीन शॉपिंग एक्सपीरियंस मिला।

जॉकी की सफलता का दूसरा सबसे बड़ा स्तंभ इसकी 'उत्कृष्ट गुणवत्ता और निरंतर इनोवेशन' (Quality and Innovation) रहा। पेज इंडस्ट्रीज ने भारत में प्रीमियम गारमेंट्स और प्रीमियम पैकेजिंग की शुरुआत की। उन्होंने उत्पाद की सिलाई, फैब्रिक और इलास्टिक की गुणवत्ता पर इतना ध्यान दिया कि ग्राहकों के मन में यह बात बैठ गई कि जॉकी का मतलब है बेजोड़ आराम और लंबा चलने वाला भरोसा।

ऐसे बढ़ाया बिजनेस

समय के साथ बदलते हुए कंपनी ने सिर्फ पुरुषों के इनरवियर तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि महिलाओं के लिए 'जॉकी विमेन', बच्चों के लिए 'जॉकी किड्स' और बदलते लाइफस्टाइल को देखते हुए 'अथलीजर' (Athleisure) और लाउंजवियर (Loungewear) जैसे सेगमेंट्स में भी कदम रखा। वर्क फ्रॉम होम और कैजुअल वियर के बढ़ते चलन के बीच उनके टी-शर्ट, ट्रैक पैंट्स और शॉर्ट्स को बाजार में हाथों-हाथ लिया गया, जिसने कंपनी की ग्रोथ को एक नई रफ्तार दी।

पेज इंडस्ट्रीज की कार्यकुशलता और मजबूत सप्लाई चेन मैनेजमेंट ने भी इस चमत्कार को मुमकिन बनाया। आज देश भर के हजारों मल्टी-ब्रांड आउटलेट्स और बड़े रिटेल स्टोर्स तक जॉकी के प्रोडक्ट्स की निर्बाध सप्लाई होती है। कंपनी ने अपनी फ्रेंचाइजी और डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ बेहद मजबूत और पारदर्शी संबंध बनाए हैं, जिससे बाजार में कभी भी प्रोडक्ट्स की कमी नहीं होती। इसी दूरदर्शी सोच और आक्रामक मार्केटिंग नीतियों के दम पर पेज इंडस्ट्रीज का शेयर कभी भारतीय शेयर बाजार के सबसे महंगे और मल्टीबैगर शेयरों में शुमार हो गया। पेज इंडस्ट्रीज ने केवल एक अमेरिकी ब्रांड का कपड़ा भारत में नहीं बेचा, बल्कि उन्होंने भारतीयों को इनरवियर खरीदने का एक नया नजरिया, प्रीमियम अहसास और भरोसा बेचा, जिसके कारण जॉकी आज भी देश का नंबर-1 इनरवियर ब्रांड बना हुआ है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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