इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मैच में हारने के बाद नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय क्रिकेट टीम 5 मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज गंवा दी है। ये पहली बार हुआ है जब भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ 2 से ज़्यादा मैचों की सीरीज हार गया है। 2019 के बाद से इंग्लैंड के खिलाफ ये पहली द्विपक्षीय सीरीज हार भी थी। लगातार हार के कारण कोच गौतम गंभीर के अनुबंध पर सवाल उठने लगे हैं। गंभीर का कोच के तौर पर अनुबंध 2027 में खत्म होगा, लेकिन हालिया हार के बाद सिर्फ बल्लेबाजी इकाई ही नहीं, बल्कि कोचिंग सेटअप के प्रदर्शन की भी बड़े पैमाने पर समीक्षा की जा रही है।
सूत्रों ने 'टाइम्स नाउ' को बताया कि भले ही अभी कोई तुरंत फैसला नहीं लिया जाने वाला है, लेकिन बदलाव के दौर को हार का स्थायी बहाना नहीं बनाया जा सकता। साथ ही, ये भी कहा गया कि अब कप्तान और कोच से इस प्रारूप में साफ तौर पर सुधार की उम्मीद की जा रही है। गौरतलब है कि गंभीर ने हाल ही में T20I में भारत के प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा था कि टीम में बड़े बदलावों के बाद बदलाव के दौर से गुजर रही है।
गंभीर ने कहा था कि, "T20 वर्ल्ड कप फ़ाइनल खेलने वाली प्लेइंग-11 और अभी की टीम में बहुत सारे बदलाव हुए हैं। चाहे कप्तान हों या ओपनिंग बल्लेबाज। न हार्दिक पांड्या हैं और ना जसप्रीत बुमराह। जब आप टीम को नए सिरे से तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करते हैं, तो इसमें थोड़ा समय लगता है। अगर आप देखें, तो 15 साल का खिलाड़ी (वैभव सूर्यवंशी) ओपनिंग कर रहा है, प्रिंस यादव अपना दूसरा टी20 खेल रहे हैं और हर्षित राणा चोट से उबरकर वापसी कर रहे हैं। हम आखिर में सिर्फ नतीजों पर ध्यान देते हैं, और इसमें कोई शक नहीं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नतीजे अहम होते हैं, लेकिन हमें प्रैक्टिकल भी होना होगा।"
उधर, सूर्यकुमार यादव को टीम से हटाने के बाद काफी आलोचनाओं के बीच टी20 टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी चौथा टी20 मैच गंवाने के बाद ये बात दोहरा दी। अय्यर ने कहा, "ये बदलाव का दौर है और हम अभी गलतियां करेंगे। हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना कितना अहम है।"
