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हार के बाद भारतीय टी20 टीम के सामने 'ओवरसीज' चुनौती: सहायक कोच रेयान टेन डोइशे की बेबाक समीक्षा

Team India Assistant Coach Ryan Ten Doeschate On Team India Loss In England: पहले आयरलैंड और अब इंग्लैंड में लगातार दो टी20 सीरीज गंवाने वाली टीम इंडिया इस समय आलोचनाओं के घेरे में है। वहीं, दूसरी ओर भारतीय टीम का कोचिंग स्टाफ भी समीक्षा में जुट गया है। क्या है नीदरलैंड से आए भारतीय सहायक कोच रेयान टेन डोइशे की प्रभावी समीक्षा, यहां जानते हैं।

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सहायक कोच रेयान ने बताए भारतीय टीम की लगातार हो रही हार के कारण (AI Generated Image)

KEY HIGHLIGHTS
  • भारत-इंग्लैंड टी20 सीरीज 2026
  • टीम इंडिया के सहायक कोच ने की हार की बेबाक समीक्षा
  • विदेशी जमीन पर ना खेल पाना अहम कारण

इंग्लैंड और आयरलैंड के मौजूदा दौरे पर भारतीय टी20 टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पांच मैचों की श्रृंखला के चौथे मैच में इंग्लैंड के हाथों 9 विकेट की करारी शिकस्त के साथ ही भारत यह सीरीज 3-0 से गंवा चुका है। इससे पहले, श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम आयरलैंड के खिलाफ भी अपने दोनों मैच हार गई थी।

इस लगातार खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के सहायक कोच रियान टेन डोइशे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम की सबसे बड़ी कमजोरी पर खुलकर बात की। उनका यह बयान केवल एक हार की समीक्षा नहीं है, बल्कि भविष्य की तैयारियों का एक गंभीर रोडमैप है।

1. 'घरेलू क्षमताओं' बनाम 'ओवरसीज रिएलिटी' का कड़वा सच

टेन डोइशे ने साफ शब्दों में कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को यह मानसिक चुनौती स्वीकार करनी होगी कि घरेलू पिचों का उनका शानदार रिकॉर्ड विदेशी धरती पर काम नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा, "क्या हम ऐसी टीम चाहते हैं जो भारत में 250 रन बना डाले और ईडन गार्डंस पर 80 मीटर का छक्का लगाये, या ऐसी टीम जो मैनचेस्टर, साउथम्प्टन या एमसीजी (MCG) पर अलग हालात में भी अच्छा खेले? यह एक मानसिक चुनौती है।"

भारत की सपाट और स्पिन-अनुकूल पिचों पर रन बरसाने वाले बल्लेबाज इंग्लैंड की उछाल और स्विंग लेती पिचों पर जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे तेज गेंदबाजों के सामने बेअसर साबित हुए हैं। सहायक कोच के अनुसार, "परिस्थितियों के अनुकूल ढलना' सिर्फ कहने की बात नहीं है, बल्कि इसके पीछे की पूरी तकनीक और मानसिक प्रक्रिया को समझना होगा।"

2. विश्व कप चैंपियन का 'कंफर्ट जोन' और भविष्य की चुनौती

इस दौरे की सबसे बड़ी विडंबना यह रही है कि जो खिलाड़ी भारत को टी20 विश्व कप जिताने में शामिल थे, वे इस सीरीज में पूरी तरह फ्लॉप रहे। टीम में एकमात्र बल्लेबाज जो लगातार रन बना रहे हैं, वो हैं कप्तान श्रेयस अय्यर, जो कि मुख्य विश्व कप टीम का हिस्सा नहीं थे।

अब भारतीय टीम के सामने दो बड़े संकेत या चेतावनी हैं

  • 2028 विश्व कप की तैयारी: ठीक दो साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप होना है, जहां की पिचें और मैदान (जैसे MCG) काफी बड़े और तेज गेंदबाजों के मददगार होंगे। अगर टीम को वहां खिताब बचाना है, तो अभी से अपनी तकनीक बदलनी होगी।
  • खिलाड़ियों का बैकअप: हालांकि कोच ने साफ किया है कि टीम मैनेजमेंट विश्व कप विजेता खिलाड़ियों के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उन पर भरोसा बनाए रखेगा, लेकिन 'विदेशी पिचों पर प्रदर्शन' अब चयन का मुख्य पैमाना बनना तय है।
Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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