रोहित शर्मा को हटाने के लिए गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट कर रहा साजिश, पूर्व क्रिकेटर ने लगाया बड़ा आरोप
- Authored by: SIddharth Sharma
- Updated Aug 27, 2025, 07:32 PM IST
Manoj Tiwari Wild Accusation: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने ब्रोंको टेस्ट का सहारा लेकर गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट पर निशाना साधा है। उनके मुताबिक इस टेस्ट को इसीलिए लाया गया है कि रोहित शर्मा को बाहर किया जा सके।
रोहित शर्मा गौतम गंभीर (फोटो- AP)
Manoj Tiwari Wild Accusation: भारतीय टीम प्रबंधन ने हाल ही में फिटनेस मापने के लिए एक नया टेस्ट शुरू किया है, जिसे ब्रोंको टेस्ट (Bronco Test) कहा जाता है। हेड कोच गौतम गंभीर की देखरेख में लागू किया गया यह टेस्ट आमतौर पर रग्बी और फुटबॉल जैसे खेलों में प्रयोग होता है।इस टेस्ट में खिलाड़ी को लगातार बिना रुके 20 मीटर, 40 मीटर और 60 मीटर की पाँच सेट दौड़ लगानी होती है। कुल दूरी 1,200 मीटर होती है और इसमें लगने वाला समय ही खिलाड़ी की फिटनेस का स्तर दर्शाता है। जितना कम समय, उतनी बेहतर फिटनेस।
मनोज तिवारी का दावा – "रोहित शर्मा को बाहर करने की चाल"
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने इस टेस्ट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह टेस्ट खासतौर पर रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने के लिए लाया गया है।क्रिकट्रैकर से बातचीत में तिवारी ने कहा कि "मुझे लगता है कि विराट कोहली को 2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं से बाहर करना मुश्किल होगा। लेकिन रोहित शर्मा के मामले में मुझे शक है। मैं भारतीय क्रिकेट में हो रही गतिविधियों को करीब से देखता हूं और मेरा मानना है कि यह ब्रोंको टेस्ट ऐसे खिलाड़ियों के लिए लाया गया है जिन्हें भविष्य की योजनाओं में नहीं रखना है।"
रोहित शर्मा की स्थिति
रोहित शर्मा पहले ही टेस्ट और टी20 क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते हैं। भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान के बारे में कयास लगाए जा रहे थे कि वे 2027 वर्ल्ड कप तक खेल सकते हैं।हालांकि, अब ऐसी भी रिपोर्ट्स आ रही हैं कि वे इस साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अक्टूबर में होने वाली वनडे सीरीज के बाद संन्यास का ऐलान कर सकते हैं।
"अब क्यों लाया गया ब्रोंको टेस्ट?"
मनोज तिवारी ने टेस्ट के लागू होने की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर यह इतना महत्वपूर्ण था, तो इसे शुरुआत से ही क्यों लागू नहीं किया गया? उन्होंने कहा कि "ब्रोंको टेस्ट भारतीय क्रिकेट में अब तक का सबसे कठिन फिटनेस पैमाना होगा। लेकिन सवाल है कि अभी क्यों? जब नया हेड कोच आया, तब क्यों नहीं लाया गया? किसका आइडिया था यह? और इसे लागू किसने करवाया? यह मेरे लिए अब भी एक बड़ा सवाल है।"
"रोहित शर्मा के लिए मुश्किल होगा पास करना"
तिवारी ने साफ कहा कि रोहित शर्मा के लिए इस टेस्ट को पास करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि "मेरा मानना है कि रोहित को अगर टीम में बने रहना है तो उन्हें अपनी फिटनेस पर बहुत मेहनत करनी होगी। वरना यह ब्रोंको टेस्ट उनके लिए रुकावट बन सकता है।".
