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IND vs AUS: क्या मजबूरी में टीम इंडिया के कोच चुने गए थे गौतम गंभीर

IND vs AUS: मेलबर्न टेस्ट की हार ने क्या ड्रेसिंग रुम के भीतर का माहौल खराब कर दिया है। क्या कोच और खिलाड़ियों के बीच एकमत नहीं रह गया है। ये कुछ बड़े सवाल हैं जो चौथे टेस्ट की हार के बाद सामने आए हैं।

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गौतम गंभीर (साभार-BCCI)

IND vs AUS: टीम जीतती है तो सब कुछ ठीक-ठाक नजर आता है, लेकिन असफलता के साथ ही टीम की कमजोरियां बाहर आने लगती है। यही कारण है कि मैदान पर आने वाले उतार-चढ़ाव के कारण ड्रेसिंग रूम में अशांति की चर्चाएं बढ़ रही हैं। ऐसी खबरें सामने आ रही है कि गंभीर टीम के अधिकांश खिलाड़ियों के साथ एकमत नहीं हैं और संवाद उतना अच्छा नहीं है जितना रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़ के समय हुआ करता था।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर पीटीआई को बताया, ‘‘एक टेस्ट मैच बचा है और फिर चैंपियंस ट्रॉफी है। अगर प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो गौतम गंभीर की स्थिति भी सुरक्षित नहीं होगी।’’

गौतम गंभीर की कुर्सी पर भी खतरा

चयन समिति के साथ गंभीर का समीकरण भी इस समय स्पष्ट नहीं है। टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो एकादश के साथ प्रयोग करने की उनकी प्रवृत्ति के कारण असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मौजूदा श्रृंखला में रेड्डी जैसे खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन शुभमन गिल से जुड़े फैसलों को लेकर अब भी बहस चल रही है।

चैंपियंस ट्रॉफी है आखिरी मौका

अगर फरवरी-मार्च में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का प्रदर्शन बहुत बेहतर नहीं रहा तो गंभीर के पर कतर दिए जाएंगे। बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, ‘‘वह कभी भी बीसीसीआई की पहली पसंद नहीं थे (वीवीएस लक्ष्मण थे) और कुछ जाने-माने विदेशी नाम तीनों प्रारूप के कोच नहीं बनना चाहते थे इसलिए वह एक समझौता थे। जाहिर है कुछ अन्य मजबूरियां भी थीं।’’

न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-3 से मिली हार के बाद गंभीर से पहले ही कुछ कठिन सवाल पूछे जा चुके हैं और अगर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी गंवा दी गई तो गंभीर के लिए चीजें मुश्किल हो सकती हैं।

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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