Abhishek Sharma: टीम इंडिया में अगर अभिषेक शर्मा को मौका मिला तो उसके पीछे की वजह आईपीएल में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी थी। सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेलते हुए उन्होंने 200 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 16 मैच की 16 पारी में 484 रन बनाए थे। इसमें तीन अर्धशतक शामिल थे और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नाबाद 75 रन था। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले मुकाबले में वह खाता भी नहीं खोल पाए तो फैंस काफी निराश हुए।
दूसरे टी20 मुकाबले में फैंस को आईपीएल वाला अभिषेक दिखा जब उन्होंने छक्का मारकर अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पहला रन बनाया। इसके बाद तो उन्होंने ऐसा गियर बदला कि पहले 33 गेंद में अर्धशतक और फिर केवल 46 गेंद में अपने टी20 करियर का पहला शतक जड़ दिया। उन्होंने 50 रन से 100 रन का फासला केवल 13 गेंद में पूरा कर लिया। हैट्रिक छक्का मारकर उन्होंने अपनी पहली सेंचुरी पूरी की।
उधार के बल्ले से मचाई तबाही
मैच के बाद खुद अभिषेक ने बताया कि वह इस मुकाबले में खुद का बल्ला लेकर नहीं उतरे थे। उन्होंने बताया कि वह अपने बचपन के दोस्त और जिम्बाब्वे दौरे पर टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल का बल्ला लेकर उतरे थे। उन्होंने कहा 'मैं आज गिल के बल्ले से खेल रहा था। मैंने पहले भी ऐसा किया है। जब भी मुझे रन चाहिए होते हैं मैं उनसे बैट मांग लेता हूं।'
अभिषेक इस साल भारत की ओर से सबसे ज्यादा 50 छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह टीम इंडिया के नए सिक्सर किंग हैं तो इस पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि देखकर ऐसा लगता है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि उनका माइंडसेट रहा है कि वह पहली गेंद से भी हिट करने में गुरेज नहीं करेंगे अगर गेंद कमजोर मिले।
पुरानी है उधार के बल्ले की कहानी
यह पहली बार नहीं हुआ है कि किसी खिलाड़ी ने उधार के बल्ले से इस तरह की तूफानी पारी खेली है। इससे पहले शाहिद अफरीदी ने सचिन के बल्ले से 37 गेंद में सेंचुरी जड़ दी थी। दरअसल सचिन ने वकार यूनिस को अपना बला नमूने के तौर पर दिया था कि वह सियालकोट से इसी तरह का एक बल्ला बनवाकर उन्हें दे। इसी दौरान वकार ने अफरीदी को नमूने के तौर पर दिया गया सचिन का बल्ला खेलने दिया और उन्होंने उस बल्ले से ऐतिहासिक पारी खेल दी थी।
