बुडापेस्ट: भारत ने हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में चल रहे चेस ओलंपियाड में ओपन सेक्शन में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। भारत ने स्लोवेनिया के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में जीत दर्ज करके गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। यह भारतीय शतरंज इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि है। भारत की इस ऐतिहासिक जीत में डी गुकेश (D Gukesh) और अर्जुन एरिगैसी(Arjun Erigaisi) की भूमिका अहम रही जिन्होंने अपने मुकाबलों में जीत दर्ज करके भारत को टॉप पर पहुंचा दिया।
गुकेश ने रखी भारत की गोल्ड जीत की नींव
18 वर्षीय डी गुकेश ने टूर्नामेंट के शीर्ष खिलाड़ियों में से एक रूस के व्लादिमीर फेडोसेव को हराकर भारत की सफलता में सबसे अहम भूमिका निभाई। उनकी जीत ने टूर्नामेंट में भारतीय प्रभुत्व की नींव रखी। वहीं अर्जुन ने जॉन सुबलेज को मात देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और स्लोवेनिया के खिलाफ अहम मुकाबले में भारत की पकड़ को मजबूत कर दिया।
गुकेश की जीत ने पुहंचाया था भारत गोल्ड के करीब
शनिवार को डी गुकेश ने डी गुकेश ने अमेरिका के फैबियानो कारूआना को हराकर ओपन वर्ग में भारतीय टीम को स्वर्ण पदक विजेता बनाने के बेहद करीब पहुंचा दिया था। गुकेश की यह जीत बेहद खास थी क्योंकि इससे वेस्ले सो ने आर प्रज्ञानानंदा को हराकर अमेरिका को शुरुआती बढ़त दिलाई थी। अमेरिका की इस बढ़त के बावजूद भारतीय टीम कभी भी इस मुकाबले को गंवाने की स्थिति में नहीं थी क्योंकि अर्जुन एरिगैसी ने लेनियर डोमिंग्वेज पेरेज पर शिकंजा कस रखा था। अर्जुन लगभग पांच घंटे के मैराथन मुकाबले को जीतने में सफल रहे तो वही विदित गुजराती लेवोन अरोनियन को ड्रॉ पर रोकने में सफल रहे।
