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Asian Games: 'चक दे इंडिया' ने छोड़ी इंडोनेशिया के युवा हॉकी खिलाड़ियों पर छाप, अब भारत का सामना करने को तैयार

Asian Games 2026: भारत और इंडोनेशिया के बीच एशियन गेम्स में होने वाले हॉकी मैच से पहले इंडोनेशिया की हॉकी टीम की खूब चर्चा है। इसकी वजह है शाहरुख खान की मशहूर फिल्स 'चक दे इंडिया'। इस फिल्स ने इंडोनेशिया के य़ुवा खिलाड़ियों पर गहरी छाप छोड़ी है।

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एशियन गेम्स से पहले इंडोनेशिया हॉकी टीम पर चढ़ा 'चक दे इंडिया' का बुखार (X/Asia_Hockey)

एशियाई खेलों में भारत का सामना करने की तैयारी में जुटे इंडोनेशिया के युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिये ’चक दे इंडिया’ सिर्फ एक बॉलीवुड फिल्म नहीं है बल्कि उनकी प्रेरणा है जिसे देखकर उन्हें आत्मविश्वास मिला है कि कमजोर मानी जाने वाली टीमें भी कमाल कर सकती हैं। इंडोनेशिया के मिडफील्डर फर्डियन फातुर रहमान 2007 में आई शाहरूख खान की ’चक दे इंडिया’ के दीवाने हैं और कई बार यह फिल्म देख चुके हैं।

इस फिल्म में बताया गया है कि तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों से पार पाकर कैसे महिला हॉकी टीम विश्व चैम्पियन बनती है और कैसे एक कलंकित कोच कबीर खान बिखरी हुई टीम को एक विश्व कप विजेता भारतीय टीम में बदलकर अपना खोया सम्मान भी फिर हासिल करता है। टीम के एक अन्य सदस्य फिरदौस मुहम्मद ने भी यह फिल्म देखी है । इंडोनेशिया टीम के लगभग हर खिलाड़ी ने कम से कम एक बार तो यह टीम देखी ही है । इंडोनेशिया को एशियाई खेलों में 20 सितंबर को पूल ए में पहला मैच गत चैम्पियन भारत से खेलना है।

हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में भाग ले चुके रहमान को कोच कबीर खान का शुरूआती रोलकॉल याद है जिसमें वह हर खिलाड़ी से पूछते हैं कि वह कहां से है और इसके बाद कहते हैं, "मुझे स्टेट के नाम ना सुनाई देते हैं , ना दिखाई देते हैं। सिर्फ एक मुल्क का नाम सुनाई देता है, इंडिया।"

रहमान ने कहा, "हां ,मुझे चक दे से प्रेरणा मिलती है। उस सीन में जब कोच खिलाड़ियों से पूछते हैं कि वह कहां से है। यह सीन मेरे दिमाग में छप गया है।" उन्होंने कहा, "मैं सुराबाया से हूं जहां बॉलीवुड फिल्मों का काफी क्रेज है और हॉकी पर बनी यह फिल्म आज भी देखी जाती है।" पिछले पांच साल से आउटडोर और इंडोर हॉकी खेल रहे फिरदौस का पसंदीदा सीन ’70 मिनट’ वाली कोच की स्पीच है। उन्होंने कहा, "तुम्हारे पास सत्तर मिनट है।"

इंडोनेशिया के लिये भारत के खिलाफ चुनौती 60 मिनट की है चूंकि अब हॉकी 15-15 मिनट के चार क्वार्टर में 60 मिनट की हो गई है। इंडोनेशिया के पास भी 20 सितंबर को 60 मिनट होंगे जिसमें उसे एशिया की सबसे दमदार टीम के खिलाफ अपनी काबिलियत दिखानी होगी। इसमें कोई बॉलीवुड पटकथा, कबीर खान या प्रेरक भाषण नहीं होगा और कोई ’सेकंड टेक’ भी नहीं होगा।

(भाषा)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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