Asmita Dey: ग्लास्गो में हुए 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में इतिहास रचने वाली त्रिपुरा की बेटी अस्मिता डे का अपने गृह राज्य में भव्य स्वागत होगा। बुधवार से शुरू होने वाले दो दिवसीय दौरे के दौरान राज्य सरकार रवींद्र भवन में उनके सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। युवा मामले एवं खेल निदेशक एल डार्लोंग ने बताया कि इस समारोह में मुख्यमंत्री माणिक साहा और खेल मंत्री टिंकू रॉय समेत राज्य के कई गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। अस्मिता राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं, इसलिए सरकार इस उपलब्धि को राज्य और देश के लिए गर्व का पल मान रही है।
गोल्डन स्कोर में जीता फाइनल
महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में अस्मिता का मुकाबला कनाडा की हेइडी क्वाच से हुआ। मुकाबला बेहद कड़ा था। क्वाच ने पहले थ्रो से बढ़त ली, लेकिन अस्मिता ने हार नहीं मानी। उन्होंने शानदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर किया। निर्धारित समय में फैसला नहीं होने पर मैच गोल्डन स्कोर में चला गया। वहां अस्मिता ने संयम और आक्रामकता दिखाते हुए निर्णायक यूको स्कोर करके गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत के लिए जूडो का पहला CWG गोल्ड आया। अस्मिता के अलावा हर्ष सिंह ने भी गोल्ड, यामिनी मौर्य ने सिल्वर और उन्नति शर्मा ने ब्रॉन्ज जीता। इस तरह भारत ने एक ही CWG में जूडो में 4 पदक जीतकर इतिहास बना दिया।
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'अब बच्चे जूडो को अपनाएंगे'
दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर अस्मिता ने कहा था कि ये मेडल देश में जूडो की पहचान बदल देंगे। उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा, "पहली बार भारत ने जूडो में 2 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज जीता है। ये बहुत बड़ी बात है। अब लोग जूडो को जानेंगे। मैं चाहती हूं ज्यादा से ज्यादा बच्चे इस खेल में आएं।" फाइनल में पीछे होने के बाद वापसी पर उन्होंने कहा, "मैंने मन में ठान लिया था कि गोल्ड ही जीतना है। इसी जिद ने मुझे जिताया।"
