पेरिस: जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने फ्रेंच ओपन टेनिस के फाइनल में फ्लावियो कोबोली हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। पांच सेट तक चले मुकाबले में उन्होंने फ्लावियो को 6-1, 4-6, 6-4, 6-7, 6-1 के अंतर से मात दी और पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम खिताब पर कब्जा किया। इस खिताबी जीत के साथ ही ज्वेरेव ओपन इरा में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाले जर्मनी के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। वर्ल्ड रैंकिंग में तीसरे पायदान पर काबिज ज्वेरेव इससे पहले वो साल 2020 में यूएस ओपन और साल 2025 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंचे थे लेकिन खिताब जीतने में नाकाम रहे थे। 29 वर्षीय ज्वरेव आखिरकार इस बार खिताब अपने नाम करने में सफल रहे।
अपने चौथे ग्रैंड स्लैम फाइनल में उतरे ज्वेरेव ने चार घंटे से अधिक समय तक चले रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज की। कोबोली ने दूसरे चैम्पियनशिप प्वाइंट पर एक आसान स्मैश नेट के बाहर मार दिया जिससे मैच का अंत हुआ। इसके बाद ज्वेरेव भावुक हो गए और लाल मिट्टी पर पीठ के बल लेटकर अपनी आंखों को हाथों से ढंक लिया। कुछ देर बाद उन्होंने दोनों हाथ उठाकर जीत का जश्न मनाया। इस जीत के साथ 29 वर्षीय ज्वेरेव उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने अपने चौथे ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहला मेजर खिताब जीता। इस सूची में आंद्रे अगासी, गोरान इवानिसेविच और डोमिनिक थीम जैसे दिग्गज शामिल हैं।
टूर्नामेंट के दौरान परिस्थितियां ज्वेरेव के पक्ष में रहीं। शीर्ष वरीयता प्राप्त यानिक सिनर दूसरे दौर में बाहर हो गए थे, जबकि 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच भी शुरुआती दौर में हारकर टूर्नामेंट से विदा हो गए। दो बार के मौजूदा चैंपियन कार्लोस अल्काराज दाहिनी कलाई की चोट के कारण प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही हट गए थे। ऐसे में ज्वेरेव को खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था और उन्होंने इस मौके को संघर्ष के बाद भुना लिया।
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विश्व रैंकिंग में 14वें स्थान पर काबिज कोबोली ने इससे पहले कभी किसी ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल से आगे का सफर तय नहीं किया था। वह 1976 में एड्रियानो पनाटा के बाद रोलां गैरो में पुरुष एकल खिताब जीतने वाले इटली के पहले खिलाड़ी बनने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनका सपना अधूरा रह गया। ज्वेरेव ने मुकाबले की शुरुआत से ही दबदबा बनाया और पहला सेट आसानी से जीत लिया। कोबोली ने इसके बाद शानदार वापसी करते हुए दूसरा और चौथा सेट जीतकर मुकाबले को पांचवें सेट तक खींच दिया। चौथे सेट के टाईब्रेकर में ज्वेरेव 3-1 की बढ़त गंवा बैठे थे।
निर्णायक सेट में हालांकि कोबोली की ऊर्जा जवाब दे गई और ज्वेरेव ने लगातार आक्रामक खेल दिखाते हुए बढ़त बनाई। उन्होंने 3-0 की बढ़त हासिल करने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और अंततः अपने करियर का 25वां एटीपी खिताब तथा पहला ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
