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भारतीय खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर कार्य प्रगति पर है: अभिनव बिंद्रा

Abhinav Bindra on Indian Players Mental Health: भारत को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जिताने वाले पूर्व शूटर अभिनव बिंद्रा ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि सभी खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर कार्य अभी प्रगति पर है और कहा कि इसका लाभ जमीनी स्तर तक मिलना चाहिए। बिंद्रा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सीधे तौर पर एक खिलाड़ी के समग्र स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और खेल प्रशासक भी इसमें समान जिम्मेदारी निभाते हैं।

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अभिनव बिंद्रा (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • भारतीय खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर कार्य
  • पूर्व ओलंपिक पदक विजेता अभिनव बिंद्रा मुहिम का हिस्सा
  • बिंद्रा ने कहा इसका लाभ जमीनी स्तर तक मिलना चाहिए

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि सभी खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर कार्य अभी प्रगति पर है और कहा कि इसका लाभ जमीनी स्तर तक मिलना चाहिए। बिंद्रा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सीधे तौर पर एक खिलाड़ी के समग्र स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और खेल प्रशासक भी इसमें समान जिम्मेदारी निभाते हैं।

उन्होंने वर्चुअल बातचीत में पत्रकारों से कहा,‘‘यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर अभी कार्य प्रगति पर है और हम सभी इसे स्वीकार करते हैं। हमारे खेल का पारिस्थितिकी तंत्र अभी विकसित हो रहा है। यह धीरे-धीरे परिपक्व हो रहा है।’’ बिंद्रा ने कहा,‘‘ यह एक ऐसा पहलू है जो न केवल निशानेबाज बल्कि सभी खेलों के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण है और इसे प्राथमिकता देने की जरूरत है। यह एक ऐसा पहलू है जिसका खिलाड़ी के प्रदर्शन पर सीधा प्रभाव पड़ता है।’’

बीजिंग ओलंपिक 2008 के स्वर्ण पदक विजेता ने कहा, ‘‘खेल संगठनों और संचालन कार्यों से जुड़े लोगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे खिलाड़ियों को इसका लाभ मिले और वह अच्छा प्रदर्शन करें।’’ बिंद्रा ने पेरिस ओलंपिक में भारतीय दल के साथ एक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मौजूदगी को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया।

उन्होंने कहा,‘‘हमने पेरिस ओलंपिक में इस क्षेत्र में प्रगति देखी। यह पहला अवसर था जबकि भारतीय टीम के साथ मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ था। कुछ चीज अच्छी हो रही हैं लेकिन हमें तेजी से प्रगति करने की जरूरत है ताकि इसका लाभ जमीनी स्तर तक मिल सके।’’ बिंद्रा ने इस धारणा को खारिज कर दिया कि वर्तमान समय के खिलाड़ी अतीत के खिलाड़ियों की तुलना में नरम रवैया अपनाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से पूरी तरह से असहमत हूं। अगर इस धारणा पर विश्वास किया जाए तो फिर नरम लोग सख्त लोगों की तुलना में अधिक जीत हासिल कर रहे हैं क्योंकि हमारे परिणाम और हमारा इतिहास हमें यही बताता है।’’ बिंद्रा ने खुलासा किया कि 2008 में ओलंपिक स्वर्ण जीतने के बाद निशानेबाजी छोड़ने की योजना बनाते समय ध्यान लगाने की प्रक्रिया से उन्हें मदद मिली।

उन्होंने कहा,,‘‘जब मैंने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता, तो मेरी ऊर्जा पूरी तरह से खत्म हो गई थी। मैं शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक रूप से थक गया था। मुझे खुद को फिर से ऊर्जावान बनाने की जरूरत थी और यह आसान नहीं था।’’ बिंद्रा ने कहा,‘‘मैंने विपश्यना ध्यान का कोर्स करने का फैसला किया। यह दिलचस्प था क्योंकि मैं वास्तव में खेल छोड़ना चाहता था और नई दिशा में आगे बढ़ना चाहता था।’’

उन्होंने कहा,‘‘मुझे 10 दिनों तक पूरी तरह से मौन रहकर प्रतिदिन आठ नौ घंटे ध्यान लगाना था और उस दौरान मैंने बस अपने खेल के बारे में सोचा। मैंने सोचा कि मैं जो कर रहा था उसकी प्रक्रिया मुझे कितनी पसंद थी।’’

(भाषा)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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