अध्यात्म

Yogini Ekadashi 2025 Parana Time: योगिनी एकादशी आज, जानें व्रत का पारण समय, पूजा विधि और महत्व

Yogini Ekadashi 2025 Parana Timing, योगिनी एकादशी 2025 पारण का समय क्या है?, Ekadashi Vrat katha Puja Timing: हिंदू धर्म में योगिनी एकादशी का विशेष महत्व है। कहते हैं इस व्रत को करने से व्यक्ति को उसके सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है। अगर आपने भी ये व्रत रखा है तो आपको यहां से व्रत खोलने का समय यानी पारण समय जान लेना चाहिए।

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Yogini Ekadashi 2025 Parana Time: एकादशी का व्रत सनातन धर्म में खास महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार ये व्रत तीनों लोकों में प्रसिद्ध है। हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी का व्रत रखा जाता है। आषाढ़ के कृष्ण पक्ष में होने वाली एकादशी को योगिनी एकादशी कहते हैं। आज योगिनी एकादशी का दिन है। इस खास दिन लोग व्रत रखते हैं। इस व्रत को रखने से सभी पापों का नाश हो जाता है। अगर आप भी इस व्रत को रख रहे हैं तो आपको पारण का समय भी जान लेना चाहिए।

योगिनी एकादशी 2025 पारण समय (Yogini Ekadshi 2025 Parana Time)

योगिनी एकादशी का पारण 22 जून की दोपहर 01:47 से 04:35 तक किया जा सकेगा। इस दौरान आप अपना व्रत खोल सकते हैं और पारण कर सकते हैं।

योगिनी एकादशी पूजा विधि (Yogini Ekadashi Puja Vidhi)

योगिनी एकादशी के दिन कलश स्थापना की जाती है फिर कलश के ऊपर भगवान विष्णु की प्रतिमा रखी जाती है। इसके बाद भगवान की विधि विधान पूजा करते हैं। इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी पत्र जरूर अर्पित करें। इसके साथ ही एकादशी को रात्रि जागरण करते हुए भगवान का भजन करते रहें। फिर अगले दिन की सुबह श्री हरि विष्णु भगवान की फिर से पूजा करें और इस दौरान ब्राह्माणों को भोजन कराकर उन्हें दान-दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। फिर अपना व्रत खोल लें।

योगिनी एकादशी का महत्व (Yogini Ekadashi Significance)

मान्यताओं अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत रखने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। माना जाता है ये व्रत 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य देता है। इस व्रत को करने से किसी के द्वारा दिये हुए श्राप का भी अंत हो जाता है। इस व्रत को करने वाले व्यक्ति के जीवन में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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