अध्यात्म

4 या 5 दिसंबर - क्या है मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 की सही डेट, किस तारीख पर दिखेगा इस साल का आखिरी Supermoon

Margshirsha Purnima in Deccember 2025 (मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 कब है): दिसंबर का महीना हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष के अंत से जुड़ा होता है। ऐसे में जानें कि दिसंबर 2025 में मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब आएगी। 4 या 5 दिसंबर में से इस पूर्णिमा की सही डेट क्या है और किस दिन आकाश में इस साल का आखिरी सुपरमून दिखाई देगा।

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मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 में कब है (Pic: Canva)

Margshirsha Purnima in Deccember 2025 (मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 कब है): हिंदू पंचांग में पूर्णिमा तिथि बेहद शुभ मानी जाती है। दिसंबर 2025 के महीने में मार्गशीर्ष पूर्णिमा आती है। हालांकि इसकी तारीख को लेकर लोग दुविधा में हैं कि 4 या 5 दिसंबर में से मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 कब आएगी। बता दें कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा की डेट पर ही साल 2025 का आखिरी सुपरमून भी दिखाई देगा।

दिसंबर 2025 में मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है

दिसंबर 2025 में पूर्णिमा तिथि 4 दिसंबर को सुबह 08:37 बजे शुरू होगी और 5 दिसंबर 2025 को प्रातः 04:43 बजे समाप्त होगी। हालांकि सूर्य की उदया तिथि के अनुसार मार्गशीर्ष पूर्णिमा 5 तारीख की होनी चाहिए। लेकिन पूनम का चांद 4 दिसंबर की तारीख को दिखेगा, इस वजह से मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 की सही डेट 4 दिसंबर, दिन गुरुवार रहेगी। मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर चन्द्रोदय शाम 16:35 बजे पर होगा।

साल 2025 का आखिरी सुपरमून कब दिखेगा

सुपरमून का अर्थ होता है जब चांद धरती के करीब हो और आकार में अपेक्षाकृत बड़ा दिखे। ऐसे में मार्गशीर्ष पूर्णिमा का चांद 4 दिसंबर को दिखेगा। तो इस साल यानी 2025 का आखिरी सुपरमून भी 4 दिसंबर को ही दिखेगा।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 डेट एंड टाइम

  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 तिथि आरंभ: 4 दिसंबर, गुरुवार को 08:37 AM बजे से
  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025 तिथि समापन: 5 दिसंबर, शुक्रवार 04:43 AM बजे पर
  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा स्नान-दान शुभ मुहूर्त: 4 दिसंबर की सुबह 5:10 — 6:04 AM के बीच
  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर चन्द्रोदय का समय: 04:35 PM पर

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व

मार्गशीर्ष पूर्णिमा को हिंदू धर्म में एक पवित्र एवं शुभ दिन माना जाता है। इस दिन स्नान-दान, विशेष पूजा-अर्चना, व्रत, दान-पुण्य आदि करने से बहुत पुण्य की प्राप्ति होती है। कई धार्मिक स्थानों जैसे पवित्र नदियों (गंगा, यमुना आदि) के तट पर श्रद्धालु स्नान करते हैं, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही घर में पूजा-अर्चना, सत्यनारायण पूजा, दान, हवन आदि करना भी शुभ माना जाता है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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