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ज्येष्ठ पूर्णिमा कब है 10 या 11 जून, नोट कर लें सही तारीख

ज्येष्ठ पूर्णिमा हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की अंतिम तिथि को कहा जाता है, जो धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह तिथि विशेष रूप से गंगा स्नान, सत्यनारायण व्रत, और दान-पुण्य के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से समस्त पापों का क्षय होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।

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ज्येष्ठ पूर्णिमा कब है 10 या 11 जून

ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन धर्म, दान और तपस्या का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है। विशेष रूप से शीतल जल, चावल, वस्त्र और छाता आदि का दान करने से अत्यधिक पुण्य प्राप्त होता है। इस दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसके अलावा यह तिथि गंगा दशहरा के आसपास आती है, अतः गंगा में स्नान और गंगा जल का प्रयोग विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2025 तिथि व मुहूर्त

ज्येष्ठ पूर्णिमा 11 जून 2025 बुधवार को है। पूर्णिमा तिथि का प्रारम्भ 10 जून 2025 को सुबह 11:35 पर होगा और समापन 11 जून 2025 को दोपहर 01:13 बजे होगा।

ज्येष्ठ पूर्णिमा पूजा विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और संकल्प लें।
  • घर के पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।
  • भगवान विष्णु और सत्यनारायण की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • फल, फूल, पंचामृत, तुलसी दल, चावल, धूप-दीप आदि से पूजा करें।
  • सत्यनारायण व्रत कथा का पाठ करें और आरती करें।
  • अंत में ब्राह्मणों को भोजन करवाकर दक्षिणा दें।
  • इच्छानुसार जलपात्र, छाता, चावल, वस्त्र आदि का दान करें।

ज्येष्ठ पूर्णिमा का महत्व

इस दिन किए गए शुभ कार्य जीवन से नकारात्मकता को दूर करते हैं और व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करते हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत एवं पूजा करने से समस्त इच्छाएं पूर्ण होती हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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