Ashadi Ekadashi 2023: 2023 में आषाढ़ी एकादशी कब है व आषाढ़ी एकादशी की तारीख और मुहूर्त क्या है इसे लेकर लोग काफी कन्फ्यूज हैं। कहीं इस एकादशी की डेट 14 जून बताई जा रही है तो कहीं 29 जून। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एकादशी व्रत (Ekadashi Vrat June 2023) की ये दोनों ही तारीखें सही हैं। दरअसल आषाढ़ महीना चल रहा है और इस महीने में दो एकादशी आती हैं। इस महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi 2023 Date) तो शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi 2023) कहते हैं। दोनों ही एकादशी आषाढ़ महीने में आने के कारण इन्हें आषाढ़ी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। जानिए जून में पड़ने वाली आषाढ़ी एकादशी (Ashadi Ekadashi Kab Hai 2023) की डेट और मुहूर्त।
योगिनी एकादशी कब है 2023 (Yogini Ekadashi 2023 Date)
| योगिनी एकादशी | 14 जून 2023, बुधवार |
| एकादशी तिथि प्रारम्भ | 13 जून 2023, 09:28 AM बजे |
| एकादशी तिथि समाप्त | 14 जून 2023, 08:48 AM बजे |
| पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय | 09:28 AM बजे |
| एकादशी व्रत पारण समय | 15 जून 2023 में 04:52 AM से 07:34 AM तक |
योगिनी एकादशी व्रत के फायदे (Yogini Ekadashi Vrat Ke Fayde)
मान्यताओं अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के सारे पाप मिट जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि है। इतना ही नहीं इस व्रत को करने से स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है। ये व्रत तीनों लोकों में प्रसिद्ध है। पुराणों में ऐसा बताया गया है कि इस एकादशी का व्रत करना 88 हज़ार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर है।
योगिनी एकादशी पूजा विधि (Yogini Ekadashi Puja Vidhi)
इस व्रत के नियम एक दिन पहले से ही शुरू हो जाते हैं। जो लोग एकादशी व्रत रखते हैं उन्हें दशमी तिथि की रात में अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। हालांकि व्रत वाला भोजन आप कर सकते हैं। फिर एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान कर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूजास्थल पर ही कलश की स्थापना करें। फिर विधि विधान भगवान विष्णु की पूजा करें। एकादशी व्रत कथा सुनें और विष्णु जी की आरती करें। पूरे दिन अन्न ग्रहण न करें। रात्रि भर जागरण करें। फिर अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर और कुछ दान-दक्षिणा देकर व्रत खोलें।
