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Dev Uthani Ekadashi 2024 Panchamrit Banane Ki Vidhi: देव उठनी एकादशी और तुलसी विवाह पूजन में जरूर शामिल करें पंचामृत, जानिए इसे बनाने का आसान तरीका

Panchamrit Banane Ki Vidhi: पूजा में पंचामृत का प्रयोग शुभ माना जाता है। खासतौर से भगवान विष्णु की पूजा बिना पंचामृत के अधूरी मानी जाती है। जानिए पंचामृत बनाने की विधि, फायदे और इसका महत्व।

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Panchamrit Banane Ki Vidhi: पंचामृत बनाने की विधि

Panchamrit Recipe: पंचामृत का अर्थ है 'पांच अमृत'। पूजा में पंचामृत का प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है। ये पांच तरह की विशेष चीजों से मिलकर तैयार किया जाता है। ये चीजें हैं दूध, दही, शहद, शक्कर और घी। पंचामृत सबसे पहले भगवान को चढ़ाया जाता है इसके बाद सभी लोगों द्वारा ग्रहण किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि पंचामृत के सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं और व्यक्ति के भीतर सकारात्मक भावों की उत्पत्ति होती है। इसे चरणामृत भी कहा जाता है। जानिए पंचामृत का महत्व, इसे बनाने की विधि और फायदे।

पूजा में पंचामृत का महत्व (Puja Me Panchamrit Ka Mahatva)

कहते हैं श्री हरि विष्णु की पूजा में इसका प्रयोग जरूरी होता है। बिना इसके भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा सफल नहीं होती। कहते हैं पंचामृत चढ़ाने से भगवान जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं। इतना ही नहीं पंचामृत के पान से कई तरह के रोगों से मुक्ति मिल जाती है। इतना ही नहीं इसके सेवन से अकाल मृत्यु का खतरा भी टल जाता है।

पंचामृत बनाने की विधि (Panchamrit Banane Ki Vidhi

पंचामृत के लिए दूध, दही, शक्कर, शहद और घी की जरूरत है। उदाहरण के लिए आधी किलो दूध में पंचामृत तैयार करना है। इसके लिए 1 किलो दूध में 2 छोटे चम्मच दही डालें। फिर शक्कर यानी चीनी स्वादानुसार डालें। आधार चम्मच शहद डालें। छोड़ा सा गंगाजल डालें। आप चाहें तो मेवा-मखाने, किशमिश आदि भी डाल सकते हैं। सभी सामग्रियों को एक बर्तन को अच्छे से मिक्स कर लें। इस तरह से पंचामृत बनकर तैयार हो जाएगा। ध्यान रहे कि अगर भगवान विष्णु के लिए पंचामृत बना रहे हैं तो उसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डालें।

पंचामृत में ध्यान रखने योग्य बातें

  • पंचामृत का निर्माण सूर्यास्त के पूर्व करें।
  • इसे बनाने के लिए गाय के दूध का ही इस्तेमाल करें।
  • पंचामृत में तुलसी के पत्ते जरूर डालें।
  • पंचामृत दोनों हाथों से ग्रहण करें। दाएं हाथ को ऊपर रखें और उसके नीचे अपना बायां हाथ रखें।
  • पंचामृत तांबे के पात्र से ही देना चाहिए।
  • पंचामृत ग्रहण करने से पहले उसे सिर से लगाएं।

पंचामृत के फायदे (Panchamrit Ke Fayde)

पंचामृत के सेवन से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। रोगों से मुक्ति मिलती है। अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता। भगवान की असीम कृपा प्राप्त होती है। मन शांत होता है। एकाग्रता बेहतर होती है। पाचन तंत्र मजबूत होता है। धर्म के प्रति झुकाव मजबूत होता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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