Tulsi Puja Rules: सनातन धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र और पूजनीय स्थान प्राप्त है। कहते हैं कि तुलसी जी को घर में रखने और उनकी विधिवत पूजा करने से घर में सुख, शांति और सकारात्मक बदलाव आते हैं। लेकिन, अगर आप तुलसी जी की पूजा में कोई गलती कर देंगे तो ये लाभ के बजाय हानि पहुंचा सकती है। दरअसल, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी को लेकर कुछ विशेष नियम और सावधानियां बताए गए हैं, जिनका पालन करने से खराब से खराब किस्मत भी चमक उठती है। तो चलिए जानते हैं तुलसी पूजन की सही विधि क्या है और तुलसी जी की पूजा में किन बातों का विशेष रूप से ध्यान देना जरूरी है।
तुलसी पूजन में भूलकर भी न करें ये गलतियां
- तुलसी के पौधों में रोजाना जल देना चाहिए। लेकिन, एक दिन में घर के सभी सदस्य ज्यादा मात्रा में जल दे देंगे तो अधिक जल से तुलसी की जड़ कमजोर हो सकती है। तुलसी सूखने लगती है, जो अशुभ माना जाता है।
- सुबह तुलसी के पौधे में जल डालकर उनकी परिक्रमा करना ना भूलें।
- रविवार के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
- रविवार को तुलसी पौधे के नीचे दीपक भी नहीं जलानी चाहिए।
- संध्याकाल में पूजन कर रहे हैं तो तुलसी को दूर से ही प्रणाम करें। क्योंकि, शाम के समय तुलसी जी को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
- तुलसी जी को दीपक अर्पित करते समय अक्षत (चावल) का आसन जरूर देना चाहिए।
- महिलाओं को तुलसी पूजन करते समय बाल खुला नहीं रखना चाहिए।
- तुलसी के पत्ते हमेशा सुबह में ही तोड़ना चाहिए।
- सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते बिलकुल भी नहीं तोड़ना चाहिए। ये पाप के समान होता है।
- मां दुर्गा और भगवान गणेश को तुलसी कतई नहीं चढ़ानी चाहिए।वहीं, भगवान विष्णु या इनके अवतारों को तुलसी दल जरूर अर्पित करनी चाहिए।
- तुलसी के पत्ते बासी हो जाने पर उसे फेके नहीं। ये कभी भी बासी नहीं होते हैं।
