Tibetan Ramayan: तिब्बती रामायण की पांडुलिपियां 20 सदी की शुरुआत में मिलती है। तिब्बती रामायण बाल्मिकी रामायण से बिल्कुल ही अलग है। रामायण के तिब्बती संस्करण की खोज एफ. डब्ल्यू. थॉमस ने 1929 में की थी। यह एक "शाही" रामायण है, वास्तव में यह रामायण दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के राजाओं के बीच लोकप्रिय थी। हालांकि, इस रामायण की पांडुलिपियां तिब्बत की एक गुफा में मिली थीं। इस आधार पर यह पाया गया कि तिब्बती रामायण में राम सीता की कहानी कुछ अलग है। उदाहरण के लिए, सीता का असली पिता रावण था। उन्हें पहले ही बता दिया गया था कि इस बेटी की वजह से उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ेगी।
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Tibetan Ramayan: जानिए क्या है तिब्बती रामायण की कहानी, जिसमे राम को नहीं होता कोई वनवास
- Authored by: TNN अध्यात्म डेस्क
- Updated Jan 5, 2024, 10:54 AM IST
