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कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पहला मेडल पक्का, लवलीना बोरगोहेन को मुक्केबाजी सेमीफाइनल में सीधी एंट्री

Commonwealth Games 2026: लवलीना बोरगोहेन का सामना 31 जुलाई को सेमीफाइनल में तुवालू की टीकेबीपी ताफाकी से होगा। जीतने पर वह फाइनल में पहुंचकर गोल्ड या सिल्वर के लिए दावेदारी पेश करेंगी।

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लवलीना बोरगोहेन (फोटो साभार- lovlina_borgohain/Instagram)

Commonwealth Games 2026: स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में गुरुवार से शुरू हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पहले ही दिन भारत के लिए बड़ी खुशखबरी आई। टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम भारवर्ग में सेमीफाइनल में सीधी एंट्री के साथ भारत का पहला पदक पक्का कर दिया है। मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में पहुंचते ही कम से कम कांस्य पदक तय हो जाता है, यानी लवलीना का मेडल अब तय है। दरअसल, इस वर्ग में कुल पांच मुक्केबाजों का ड्रॉ निकला था। लवलीना को पहले दौर में बाय मिला, जिससे वह सीधे अंतिम-चार में पहुंच गईं। अब 31 जुलाई को सेमीफाइनल में उनका सामना तुवालू की टीकेबीपी ताफाकी से होगा। जीतने पर वह फाइनल में पहुंचकर गोल्ड या सिल्वर के लिए दावेदारी पेश करेंगी।

लवलीना के लिए पहला कॉमनवेल्थ मेडल

28 साल की लवलीना के लिए यह कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला पदक होगा। इससे पहले वह ओलंपिक, वर्ल्ड चैम्पियनशिप, एशियाई खेल और एशियाई चैम्पियनशिप में पदक जीत चुकी हैं। कॉमनवेल्थ मेडल उनकी उपलब्धियों की लिस्ट में इकलौती कमी थी, जो अब पूरी हो जाएगी। ग्लास्गो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत आज से हो चुकी है। भारतीय समय के मुताबिक रात 10:30 बजे भव्य ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा। 124 सदस्यों वाली भारतीय टीम इस बार आठ खेलों में हिस्सा ले रही है। इनमें एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, ट्रैक साइक्लिंग, बॉल्स और स्विमिंग शामिल हैं। साथ ही पैरा-एथलीट पांच खेलों में दम दिखाएंगे – पैरा-एथलेटिक्स, 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल, पैरा-पावरलिफ्टिंग, पैरा-स्विमिंग और पैरा-ट्रैक साइक्लिंग।

नीरज चोपड़ा का मुकाबला किस दिन?

भारत का अभियान बॉल्स के दो मैचों से शुरू हुआ। इस बार गेम्स का शेड्यूल पहले के मुकाबले छोटा किया गया है और चार जगहों पर सभी मुकाबले कराए जाएंगे। एथलेटिक्स में सबकी निगाहें नीरज चोपड़ा पर रहेंगी। पुरुष जैवलिन थ्रो का फाइनल 1 अगस्त को स्कॉट्सटौन स्टेडियम में होगा। नीरज ने 2018 गोल्ड कोस्ट गेम्स में गोल्ड जीता था, लेकिन चोट के कारण वह बर्मिंघम 2022 में हिस्सा नहीं ले पाए थे। इस बार वह अपने खिताब को फिर से हासिल करने उतरेंगे। लवलीना की इस सफलता ने भारतीय दल का हौसला बढ़ा दिया है। पहले दिन ही पदक पक्का होने से टीम इंडिया आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है। अब देखना होगा कि ग्लास्गो में तिरंगा कितनी बार लहराता है।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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