Vaidhriti Yog 2026: आगामी 8 अक्टूबर 2026 की सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर सूर्य और चंद्रमा से वैधृति योग बनेगा। वैधृति योग 7 नित्य योगों में से एक है। यह शुभ कार्यों को करने के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। वैधृति योग में शादी, नई शुरुआत, बड़े फैसले और महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचा जाता है। हालांकि इस समय पितृपक्ष हैं तो शुभ कार्यों पर पहले से ही रोक हैं।
वहीं, दूसरी ओर जब यह योग बनेगा तब सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा सिंह राशि में होंगे। सूर्य को आत्मविश्वास, नौकरी, पिता, मान-सम्मान और सरकारी कामों से जोड़ा जाता है, जबकि चंद्रमा मन, सोच, भावनाओं और परिवार का कारक माना जाता है। ऐसे में वैधृति योग का असर खास तौर पर फैसलों, मानसिक तनाव, परिवार, धन और रिश्तों से जुड़े मामलों पर रहेगा। आइए जानते हैं कि यह योग किन राशि वालों के लिए अच्छा साबित नहीं होगा और इन राशि वालों को क्या सावधानियां बरतनी होंगी।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए यह योग सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्तर पर असर डाल सकता है क्योंकि 8 अक्टूबर को चंद्रमा आपकी ही राशि में रहेंगे। चंद्रमा मन और सोच के कारक हैं, ऐसे में वैधृति के दौरान छोटी-छोटी बातों को लेकर मन परेशान हो सकता है। किसी काम को लेकर बार-बार विचार बदलने की स्थिति बन सकती है। परिवार के किसी सदस्य से कहासुनी हो सकती है या काम की जगह पर किसी बात को लेकर आपका मूड खराब हो सकता है। पैसे से जुड़े फैसलों में भी जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। खास तौर पर किसी को उधार देने, बड़ा निवेश करने या अचानक खर्च करने से पहले दो बार सोचें। भगवान शिव को जल चढ़ाएं और इस दिन गुस्से में कोई बड़ा फैसला न लें।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए सूर्य आपकी राशि में हैं और चंद्रमा बारहवें भाव में रहेंगे। यह स्थिति खर्च, नींद, तनाव और बेवजह की चिंता बढ़ा सकती है। काम अच्छा चल रहा होने के बावजूद मन में संतुष्टि कम महसूस हो सकती है। नौकरी करने वालों को लग सकता है कि उनकी मेहनत का पूरा फायदा नहीं मिल रहा, वहीं कारोबारियों को अचानक कोई खर्च परेशान कर सकता है। विदेश, यात्रा या ऑनलाइन काम से जुड़ी कोई योजना भी आखिरी समय पर बदल सकती है। इस दौरान किसी को पैसा देने या बड़ी खरीदारी करने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। भगवान गणेश की पूजा करें और हरी मूंग का दान करें।
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मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए चंद्रमा आठवें भाव में रहेंगे। ज्योतिष में इस भाव को अचानक आने वाले बदलाव, चिंता और अटकने वाले कामों से जोड़ा जाता है। वैधृति योग के दौरान छोटी सी समस्या भी आपको सामान्य से ज्यादा परेशान कर सकती है। काम में अचानक बदलाव, किसी पुराने मामले का दोबारा सामने आना या परिवार से जुड़ी कोई चिंता मन पर असर डाल सकती है। नौकरी में बिना सोचे प्रतिक्रिया देना नुकसान करा सकता है। प्रॉपर्टी, बीमा, टैक्स या किसी साझा पैसे के मामले में कागजों को अच्छी तरह देख लें। काले तिल का दान करें और भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य आठवें भाव और चंद्रमा सातवें भाव में रहेंगे। इसका असर खास तौर पर रिश्तों, बिजनेस पार्टनरशिप और अचानक होने वाले बदलावों पर पड़ सकता है। पार्टनर की किसी बात का गलत मतलब निकल सकता है और छोटी सी बात बहस तक पहुंच सकती है। कारोबार करने वालों को डील की शर्तों में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। किसी जरूरी समझौते पर बिना पढ़े हस्ताक्षर करना ठीक नहीं रहेगा। पति-पत्नी के बीच भी इस दौरान एक-दूसरे की बात समझने में दिक्कत हो सकती है। गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और जरूरी बातचीत को शांत मन से करें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए चंद्रमा छठे भाव में और सूर्य सातवें भाव में रहेंगे। ऐसे में नौकरी का दबाव, विरोधियों की बात, रोजमर्रा के तनाव और रिश्तों की परेशानी एक साथ सामने आ सकती है। ऑफिस में किसी सहकर्मी के साथ गलतफहमी हो सकती है या किसी पुरानी बात को लेकर विवाद खड़ा हो सकता है। कारोबारियों को पेमेंट या पार्टनरशिप से जुड़ी कोई चिंता परेशान कर सकती है। इस दौरान उधार देने या किसी के भरोसे बड़ा फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा। अपनी दिनचर्या को ठीक रखना भी जरूरी होगा क्योंकि ज्यादा तनाव का असर काम पर पड़ सकता है। पीली दाल का दान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें।
8 अक्टूबर को क्या करें और क्या न करें
वैधृति योग के दौरान पहले से चल रहे जरूरी काम पूरे किए जा सकते हैं, लेकिन किसी नए और बड़े शुभ काम की शुरुआत को टालना बेहतर माना जाता है। उस दिन पूजा-पाठ, भगवान का ध्यान, दान और सेवा जैसे काम किए जा सकते हैं। घर में शांत माहौल रखें और किसी भी बात को लेकर बेवजह बहस करने से बचें।
खास तौर पर सिंह, कन्या, मकर, कुंभ और मीन राशि वालों को इस समय अपने फैसलों में थोड़ा ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।बाकी राशियों के लिए भी वैधृति योग को देखते हुए बड़े शुभ काम की शुरुआत सोच-समझकर करना बेहतर रहेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
