Shani Bhagwan Ki Aarti (शनि देव की आरती): हर साल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती मनाई जाती है। जो इस बार 6 जून को मनाई जा रही है। इस दिन शनि देव की पूजा होती है। मान्यताओं अनुसार जो कोई शनि जयंती पर शनि देव की सच्चे मन से उपासना करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही इस दिन शनि देव की आरती करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। यहां देखें शनि देव की आरती।
शनि देव की आरती (Shani Dev Ki Aarti)
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥
जय जय श्री शनि देव....
श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।
नी लाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥
जय जय श्री शनि देव....
क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥
जय जय श्री शनि देव....
मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥
जय जय श्री शनि देव....
जय जय श्री शनि देव....
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।।
जय जय श्री शनि देव....
शनि देव की आरती के लाभ
शनि देव की आरती करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या से भी राहत मिलती है। शनि आरती से कुंडली में शनि की स्थिति भी मजबूत होती है।
