दिल्ली पुलिस ने PG और किराए के मकानों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने अपने स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) को निर्देश दिया है कि वे शहर में पेइंग गेस्ट (PG) और किराए के घरों में रहने वाले छात्रों से नियमित रूप से बातचीत करें और उनकी समस्याओं का समाधान करें।
यह निर्देश सत्य निकेतन की घटना और उसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के आदेशों के बाद आया है। उन्होंने पुलिस और अन्य अधिकारियों को PG में रहने वाले छात्रों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने का निर्देश दिया था।
पुलिस से 20 सितंबर तक 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' जमा करने को कहा गया है
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस से 20 सितंबर तक 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR) जमा करने को कहा गया है। SHO और ACP को जारी आदेश के अनुसार, जिन इलाकों में कॉलेज, यूनिवर्सिटी, छात्रों के रहने की जगह और PG सुविधाएं बड़ी संख्या में हैं, वहां के अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में रहने वाले छात्रों से नियमित रूप से बातचीत करने का निर्देश दिया गया है।
सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और रहने की जगह से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान
अधिकारियों ने बताया कि इस संपर्क अभियान में सुरक्षा, स्थानीय अपराध से जुड़े मुद्दों, उत्पीड़न, महिलाओं की सुरक्षा और रहने की जगह से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा। जहां छात्रों द्वारा उठाए गए किसी मुद्दे के लिए किसी दूसरे विभाग के दखल की ज़रूरत होगी, वहां पुलिस अधिकारी संबंधित नागरिक एजेंसियों के साथ तालमेल भी बिठाएंगे।
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सत्य निकेतन इलाके में इमारत के ढहने से पांच छात्रों और दो मजदूरों की मौत
संधू ने दिल्ली सरकार को PG सुविधाओं के नियमन और निगरानी के लिए नीति बनाने के वास्ते एक समिति गठित करने का भी निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल ने पुलिस की पहुंच को मजबूत करने और छात्र समुदाय के बीच भरोसा कायम करने की जरूरत पर जोर दिया था। 6 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला इमारत के ढहने से 5 छात्रों और 2 मजदूरों की मौत हो गई थी।
